बीकेई के बैनर तले किसानों ने फूंका भगवंत मान सरकार का पुतला

Farmers under the banner of BKE burnt the effigy of Bhagwant Mann government
 

mahendra india news, new delhi
किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर 401 दिनों से शांतिपूर्ण चले किसान आंदोलन भाग-2 (शंभू व खनौरी बॉर्डर पर) को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने केंद्र के इशारे पर 19 मार्च 2025 को उजाड़ने का काम किया और किसानों की ट्रालियों सहित सामान लूटने के विरोध में बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख की अध्यक्षता में किसानों ने एसकेएम गैर राजनीतिक के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय सिरसा में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पुतला फूंका। औलख ने कहा कि लूटा गया सामान आज तक किसानों को वापस नहीं दिया गया है ना ही उसकी भरपाई करवाई गई है। इसलिए आज पंजाब और हरियाणा में भगवंत मान सरकार के खिलाफ विरोध दर्शन करते हुए पुतले फूंके गए।

बीकेई द्वारा उपायुक्त को किसानों-मजदूरों की मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों के साथ बार-बार हो रही गड़बड़ियों को ठीक करने और मंडियों में फसल बेचने वाले किसानों की बायोमेट्रिक और ट्रैक्टर की फोटो के फरमान को वापस लेने की मांग रखी गई। औलख ने कहा कि अधिकारियों/ कर्मचारियों और व्यापारियों ने पंजीकरण में गड़बड़ियां करके धान घोटाला किया, बाजरा भावांतर योजना में किसानों की लूट की, सीसीआई द्वारा नरमा खरीद में घोटाला किया गया, उन पर कार्रवाई घर की किसानों की भरपाई करवाने की बजाय अब सरकार द्वारा बायोमेट्रिक वाला तुगलकी फरमान सुनाकर सजा किसानों को दी जा रही है, जो कभी सहन नहीं होगी।

औलख ने कहा कि क्रॉप कटिंग करते समय गांव को इकाई मानने की बजाय एक किसान को इकाई माना जाए, ताकि खराब हुई फसलों की बीमा क्लेम से भरपाई करवाई जा सके। खरीफ -2025 में भारी बरसात, जलभराव व बाढ़ से सिरसा जिले में बहुत भारी नुक्सान हुआ था। हरियाणा सरकार ने जो मुआवजा और बीमा क्लेम जारी किया है, उसमें बहुत सारी अनियमिताएं हैं, कई गांवों का भारी नुकसान हुआ था जिन्हें ना तो मुआवजा मिला है और ना ही बीमा क्लेम। हमारी सरकार से अपील है कि खरीफ 2025 में बीमा और मुआवजे से वंचित सभी किसानों की खराब हुई फसलों की भरपाई करवाई जाए और क्रॉप कटिंग में हुई गड़बड़ियों को दूर किया जाए। एक्स्ट्रा पॉल्यूशन में गये 18 गांवों का बकाया बीमा क्लेम भी जल्द जारी किया जाए।

कई किसानों का बीमा प्रीमियम तो पूरे रकबे का काट लिया गया था, लेकिन बीमा क्लेम 1-2 एकड़ जमीन का जारी किया गया है। खरीफ 2023, 2024 तथा 2025 में सिरसा जिले के कई किसानों का बीमा जारी करने की बजाय बीमा कंपनी ने प्रीमियम कई महीनों बाद वापिस कर दिया है और कई किसानों को ना तो बीमा क्लेम मिला है और ना ही बीमा प्रीमियम वापस आया है। बीमा प्रीमियम किसानों से दोबारा लेकर उन्हें बीमा क्लेम जारी किया जाये।  जिन किसानों की केसीसी बनी हुई है, उन किसानों का खरीफ व रबी सीजन का बीमा प्रीमियम बैंकों द्वारा 31 जुलाई व 31 दिसम्बर को बिना उनकी मर्जी से उनके खातों से काट लिया जाता है। अपील है कि जब तक किसान फसल बीमा न करवाने चाहे तब कि उसके बैंक खाते से उसकी बीमा प्रीमियम राशि ना काटी जाये और ना ही उससे बीमा प्रीमियम रोकने के लिए बार-बार लिखित में लिया जाये।

 सिरसा जिले में नहरों में पानी की सप्लाई शैड्यूल के हिसाब से नहीं की जा रही है। बार-बार बिना किसी सूचना के नहरें बन्द कर दी जाती है। हिसार घग्गर ड्रेन से चोपटा क्षेत्र में हर साल होने वाली बर्बादी को रोकने के लिए बने साइफन पर स्थाई लिफ्टिंग सिस्टम लगाया जाए। ओटू हैड पर एनजीसी नहर पर खरीफ सीजन में फल्डी पानी की सप्लाई बाधित न हो, उसके लिए एनजीसी नहर पर साइफन का निर्माण किया जाये।

औलख ने कहा कि परमल धान की खरीद में हरियाणा में बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें सिरसा जिला भी शामिल है। कालांवाली की फग्गू अनाज मण्डी में नमी के नाम पर किसानों से 10 से 20 किलो. प्रति क्विंटल धान की काट ली गई है। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई जांच कमेटी को सभी सबूत देने के बावजूद भी अभी तक लूट में शामिल अधिकारियों व राईस शेलर मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और ना ही किसानों की भरपाई करवाई गई है। बीटी कॉटन वाले किसान लम्बे समय से नरमे की फसल न होने की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। वर्ष 2006 के बाद बीटी कॉटन में कोई सुधार नहीं किया गया है। आपसे अपील है कि उत्तम क्वालिटी के बीज किसानों को उपलब्ध करवाये जाएं।