गणगौर 2026 : इस दिन है गणगौर का व्रत, जानें सही विधि, शुभ मुहूर्त और गणगौर का महत्व

 
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हर साल गणगौर पर्व का महिलाएं इंतजार करती है। गणगौर की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। बता दें कि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर का व्रत किया जाता है। गणगौर के दिन जहां विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। 

इसी के साथ ही कुंवारी कन्याएं यह व्रत मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करती हैं। गणगौर का पर्व राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत के कई प्रदेशों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत करती हैं और पारंपरिक तरीके से श्रद्धा और आस्था के साथ शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि भगवान शिव भोले बाबा को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने भी गणगौर का व्रत किया था। इसके बाद से गणगौर का व्रत करने की परंपरा चली आ रही है। 

गणगौर व्रत इस दिन 
ज्योतिषचार्य नीरज शर्मा ने बताया कि वैदिक पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 21 मार्च 2026 को सुबह दो बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और उसी दिन रात्रि 11 बजकर 56 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इसलिए इस वर्ष गणगौर व्रत 21 मार्च 2026 को रखा जाएगा।


ये है गणगौर व्रत का शुभ मुहूर्त
सूर्योदय : सुबह 6 बजकर 24 मिनट


गणगौर के दिन ये करें 
महिलाएं प्रतिमाएं स्थापित करें।
माता पार्वती को सोलह शृंगार की वस्तुएं जैसे मेहंदी, चूड़ियां, सिंदूर और बिंदी अर्पित करें। भगवान शिव भोले बाबा को पीले वस्त्र और अक्षत चढ़ाएं।
नवरात्र के वक्त बोए गए जवारे इस पूजा में विशेष रूप से उपयोग किए जाते हैं। माता को फल, मिठाई और घेवर का भोग लगाएं।
इसके बाद पूजा के दौरान गणगौर व्रत की पौराणिक कथा सुनें या पढ़ें।
शाम के वक्त महिलाएं गाते-बजाते हुए किसी पवित्र नदी पर जाकर प्रतिमा का विसर्जन करती हैं।
सुखी दांपत्य और मनचाहे जीवनसाथी के लिए व्रत

ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि गणगौर के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस पूजा से दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और खुशियां बढ़ती हैं। वहीं अविवाहित लड़कियां इस व्रत को अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए करती हैं। यह भी विश्वास है कि जो महिलाएं श्रद्धा से यह व्रत रखती हैं, उनके घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

गणगौर व्रत में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
गणगौर पर्व पर व्रत के दिन सोना अच्छा नहीं माना जाता, इसलिए सारे दिन भक्ति और पूजा में मन लगाएं। इस दिन किसी भी तरह के अपशब्द बोलने से बचें। इसी के साथ ही, इस दिन तामसिक भोजन करने से भी परहेज करें।