विद्यार्थियों को रुचि के अनुसार दें विषय चुनने की स्वतंत्रता: डॉ. जय प्रकाश
mahendra india news, new delhi
जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ में आयोजित प्रिंसिपल कॉन्क्लेव-2026 उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में सिरसा व फतेहाबाद जिले के 100 से अधिक सीबीएसई तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के स्कूलों के प्राचार्यों ने भाग लिया।
इसके साथ ही आकाश अकादमी, आईसीएस अकादमी, पाथ पायोनियर सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों ने भी सम्मेलन में सहभागिता की।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई शैक्षणिक संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने की। इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता सहित जेसीडी समूह के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के एनईपी नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह कुंडू तथा डीईओ कार्यालय के जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने विशेष रूप से शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सतबीर, बीईओ नाथूसरी चोपटा ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पानीहारी, भरोखा, गुड़िया खेड़ा, मौजीगढ़, मत्त दादू, जमाल, रामपुरा, आदमपुर, कागदाना, मल्लेकां, महम खेड़ा, पतली डाबर, डीएवी पीएस डिंग मंडी, जीएमएसएस स्कूल कालांवाली, एस.वी.एस. अरण्यावाली, सतलुज पब्लिक स्कूल सिरसा, होली स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एमडीएच ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, एमएचडी वर्ल्ड स्कूल, आर.के. सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिरसा, आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिरसा, वी.पी. स्कूल, पीएम श्री जीएचएसएस बड़ागुढ़ा, पीएम श्री जीएसएसएस रूपावास, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महाबीर दल, जीडी गोयनका स्कूल सिरसा, सेंट जेवियर स्कूल सिरसा तथा जीएसएसएस मल्लेकां, आशा हाई स्कूल जमाल, भारत सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिरसा, एनसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल कागदाना एवं जी.पी. मंडी आदमपुर सहित अनेक विद्यालयों के प्राचार्यों ने सहभागिता की।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रणजीत सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ शिक्षा, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। हाल ही में परिसर में नेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना भी की गई है। साथ ही संस्थान का शिक्षण स्टाफ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।
कॉन्क्लेव के दौरान डॉ. जयप्रकाश एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पहुंचे प्राचार्यों एवं शिक्षाविदों के बीच विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।
डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, लचीला एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देती है।
उन्होंने कहा कि एनईपी के विज़न को धरातल पर उतारने के लिए स्कूलों और कॉलेजों को मिलकर कार्य करना होगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रिंसिपल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, ताकि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।
उन्होंने बताया कि जेसीडी विद्यापीठ पिछले कई वर्षों से उत्तर भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मजबूत केंद्र बना हुआ है। संस्थान में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, एजुकेशन, स्पोर्ट्स और मास कम्युनिकेशन सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
एनईपी नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह कुंडू ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से उपस्थित प्राचार्यों एवं शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एनईपी के फ्रेमवर्क को सरल तरीके से समझाते हुए विषय वर्गीकरण पर विशेष प्रकाश डाला।इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विषय संयोजनों के विकल्पों की जानकारी भी साझा की।उन्होंने विद्यार्थियों के लिए लचीले पाठ्यक्रम और मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच पर जोर दिया।क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता प्रदान करती है। इससे शिक्षा अधिक व्यावहारिक, रोजगारपरक और विद्यार्थी-केंद्रित बन सकेगी।
इस मौके पर विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए मजबूत तैयारी, विषय संयोजन को उच्च शिक्षा एवं रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने, कौशल आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देने तथा प्रभावी करियर काउंसलिंग उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही उनके रुचि क्षेत्र के अनुसार मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए, ताकि वे भविष्य में सही करियर का चयन कर सकें।
इसके अलावा स्कूल-कॉलेज सहयोग मॉडल को अधिक प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों में शोध एवं नवाचार की भावना विकसित करने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा रोजगारपरक शिक्षा को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान के सभी कॉलेजों, उनके पाठ्यक्रमों, उपलब्धियों, प्लेसमेंट रिकॉर्ड एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न कॉलेजों द्वारा विषय-आधारित प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिनमें जेसीडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग तथा जेसीडी आईबीएम कॉलेज की फैकल्टी ने अपने-अपने क्षेत्र की उपलब्धियों एवं गतिविधियों को थीम आधारित रूप में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. जयप्रकाश ने घोषणा की कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आगामी प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों से पात्र विद्यार्थियों की सूची भेजने का आग्रह किया गया, ताकि किसी भी मेधावी विद्यार्थी का सम्मान छूट न सके।
कॉन्क्लेव में पहुंचे प्राचार्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने पर सहमति जताई।
कार्यक्रम के अंत में जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है, जिसमें सभी का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात सभी प्राचार्यों को प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।