एचटेट परीक्षा परिणामों की सीबीआई से जांच करवाएं राज्यपाल हरियाणा, परिणामों में धांधली की आशंका को लेकर SIRSA उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

 

Mahendra india news, new delhi
वर्ष 2024 में हुई एचटेट परीक्षा परिणामों में गंभीर धांधली के आरोपों की जांच सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को युवा जेजेपी के बैनर तले उपायुक्त को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। युवा जेजेपी के प्रभारी शांतनु गोदारा व युवा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सुथार के संयुक्त नेतृत्व में उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में युवा जेजेपी की ओर से कहा गया कि हरियाणा में वर्ष 2024 में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया जिसमें अनेक गंभीर अनियमितताएं एवं संदेहास्पद स्थितियां सामने आई हैं, जो परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

युवा जेजेपी ने इस तमाम प्रकरण की सीबीआई से जांच करवाने के पीछे इस सिलसिले में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर भी महामहिम राज्यपाल हरियाणा का ध्यान आकृष्ट किया। ज्ञापन में कहा गया कि जब एचटेट परीक्षा का परिणाम पूर्ण रूप से तैयार हो चुका था, तब उसे अचानक रिकॉल क्यों किया गया? इसके पीछे क्या कारण थे, यह आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग को कार्य सौंपा गया, जबकि उक्त संस्था को इस प्रकार के परीक्षा परिणाम तैयार करने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। कृपया स्पष्ट किया जाए कि किस आधार एवं किन मानकों पर उस संस्था का चयन किया गया। यह तथ्य अत्यंत चौंकाने वाला है कि प्रथम बार में परिणाम मात्र 30 दिनों में तैयार हो गया था, किंतु पुन: परिणाम तैयार करने में 110 दिन क्यों लग गए? इस अत्यधिक विलंब के लिए कौन जिम्मेदार है?

नए घोषित परिणाम में त्रुटि के मार्जिन के आधार पर 1284 नए अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया, जबकि इन अभ्यर्थियों का परिणाम हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर भी जारी नहीं किया गया। इन अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। अत: इन सभी अभ्यर्थियों के रोल नंबर सार्वजनिक किए जाएं। ये भी कहा गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर शीट प्राप्त करने के लिए दो वर्षों का समय दिया जाता है।

परंतु एचटेट 2024 के नए परिणाम की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को केवल 10 दिनों की अवधि ही प्रदान की गई। हरियाणा सरकार यह स्पष्ट करे कि क्या ओएमआर शीट्स को नष्ट कर दिया गया है? यदि ऐसा किया गया है, तो यह माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का सीधा उल्लंघन है तथा एक अत्यंत गंभीर धांधली का विषय है। उपरोक्त ऐसे अनेक छिपे बिंदुओं से इस परीक्षा परिणाम की संपूर्ण प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस अति संवेदनशील मामले में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाना अत्यंत आवश्यक है।

महामहिम राज्यपाल से आग्रह किया गया कि सीबीआई से जांच कराने के निर्देश दें ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा जेजेपी के शहरी अध्यक्ष दीपक भाटिया, जेजेपी के जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा, जेजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा, जेजेपी जिला कार्यालय प्रभारी हरिसिंह भारी जेजेपी जिला प्रेस प्रवक्ता अमर सिंह ज्याणी व सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।