हरियाणा में आज होगी झमाझमा बरसात, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट 

 

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हरियाणा प्रदेश में अभ्भी तक मानसून की अच्छी बरसात नहीं हुई है। मानसून की बरसात नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 3 अगस्त से मौसम का मिजाज बदल सकता है। 3 से 8 अगस्त के बीच हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है।


मौसम को लेकर मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक तरफ गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं, जबकि हरियाणा प्रदेश के पश्चिमी जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली का असर मुख्य रूप से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों तक ही सीमित रहा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की कमी बनी हुई है।

डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर राजस्थान के आसपास बनी हुई है, जिससे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आया डिप्रेशन गुजरात की ओर बढऩे के बाद कमजोर पड़ रहा है, इसलिए प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां भी सीमित हो गई है।

3 अगस्त से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने और उत्तरी राजस्थान व दक्षिणी पंजाब के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है।

इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून टर्फ दोबारा प्रदेश की ओर बढ़ेगी। 3 से 8 अगस्त के बीच प्रदेश, एनसीआर और दिल्ली में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर अच्छी वर्षा होने की संभावना है।


मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण अल-नीनो की स्थिति मजबूत हो रही है। इसके चलते अगस्त और सितंबर में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है।