यह पर है 100 साल पुराना मंदिर: जहां फूल-प्रसाद नहीं, चढ़ाई जाती है जलती हुई सिगरेट; जानें वजह

 
Here stands a 100 year-old temple where, instead of flowers or *prasad*, lit cigarettes are offered—find out why
 

mahendra india news, new delhi
देशभर मेें मंदिरों से लोगों की काफी आस्था जुड़ी हुई है। देश में कई मंदिर मिल जाएंगे, जहां की अनोखी परंपराएं और मान्यताएं हैं. ऐसा ही एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मंदिर गुजरात के सूरत शहर में स्थित है। इस के प्रति लोगों की काफी आस्था है। लोगों का मानना है कि इस मंदिर में स्थापित बंजारा भूत मामा सिगरेट का भोग पाकर प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं.


सूरत के अथवाल लाइन्स एरिया की आदर्श सोसाइटी में ये मंदिर बना हुआ है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह धाम करीबन 100 वर्ष से अधिक प्राचीन मंदिर है। कई बुजुर्ग तो इसे 125 से 130 वर्ष पुराना बताते हैं. इस मंदिर की ये पुरानी और अनोखी परंपरा आज भी वैसी ही चली आ रही है. यही वजह है कि यहां दूर-दूर से लोग इस अनोखे दृश्य को देखने और मन्नत मांगने पहुंचते हैं.

क्या है कहानी?
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, सदियों पहले इस इलाके में बंजारा समुदाय के लोग रहा करते थे. एक बार गांव में भीषण अकाल पड़ा और खाने-पीने की भारी कमी हो गई। उसी दौरान समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई. गांव वालों ने उनकी याद में एक समाधि बनाई, जिसे समय के साथ लोग भूत मामा कहकर पूजने लगे। एक दूसरी कहानी ये भी है कि भूत मामा ने गांव वालों की रक्षा करते हुए अपनी जान दे दी थी. इसी त्याग के कारण लोग उन्हें अपना रक्षक देवता मानने लगे। 

मंदिर में सिगरेट चढ़ाने की अजीब परंपरा
इस मंदिर की सबसे चर्चित बात यहां चढ़ाई जाने वाली सिगरेट ही है. मान्यताओं के मुताबिक बंजारा भूत मामा को अपने जीवन में धूम्रपान करने का बहुत शौक था। इसी वजह से भक्त उन्हें खुश करने के लिए सिगरेट चढ़ाते हैं. कई लोग सीधे सिगरेट का पूरा पैकेट वहां रख देते हैं। वहीं कुछ लोग सिगरेट को जलाकर मूर्ति के सामने रख देते हैं. मंदिर में हर दिन दर्जनों सिगरेट इसी तरह भक्तों द्वारा अर्पित की जाती हैं.

लोगों के अनुसार भूत मामा मंदिर सिर्फ अपनी अजीब परंपरा के लिए ही मशहूर नहीं है. यहां आने वाले लोगों की इसमें गहरी आस्था जुड़ी हुई है. लोग अपने परिवार, सेहत, नौकरी और कारोबार से जुड़ी परेशानियां लेकर यहां आते हैं। जिन व्यक्तियों की शादी में रुकावटें आ रही होती हैं, वे यहां आकर मन्नत मांगते हैं. माना जाता है कि यहां सच्चे दिल से सिगरेट चढ़ाकर प्रार्थना करने से शादी से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं.

श्रद्धा और परंपरा का अनोखा संगम
इस मंदिर में यह आस्था का एक प्रतीक बन चुकी है। आधुनिक दौर में जहां सिगरेट को सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, वहीं आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सिगरेट केवल एक चीज नहीं, बल्कि अपनी भावनाएं और मन्नतें बंजारा भूत मामा तक पहुंचाने का जरिया है. यही अनोखा मेल इस 100 साल पुराने मंदिर को सूरत के बाकी सभी धार्मिक स्थलों से एकदम अलग और खास बनाता है.

नोट: ये समाचार लोकमान्यताओं, सामाजिक परंपराओं और मीडिया रिपोर्ट्स में दर्ज जानकारियों पर आधारित एक विवरणात्मक रिपोर्ट है, इसका उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास या धूम्रपान को बढ़ावा देना नहीं है. धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। धन्यवाद .


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महेंद्र सिंह मेहरा, डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. महेंद्र सिंह ने मार्च 2006 में दैनिक भास्कर जॉइन किया था. इसके बाद वर्ष 2016 से दैनिक जागरण में वर्ष 2023 तक संवाददाता के रूप में कार्य किया। अब डिजिटल पर खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं।