सालों से ड्यूटी के लिए दर-दर  भटक रहे बिना नोटिस हटाए गए होमगार्ड जवान: चंद्रपाल तंवर

 

mahendra india news, new delhi
आॅल इंडिया होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रपाल तंवर ने कहा कि होम गार्ड विभाग हरियाणा से सैकड़ों जवानों को बिना नोटिस के हटा दिया गया था, जो काफी सालों से अब तक ड्यूटी के लिए भटक रहे हैं। होमगार्ड जवान वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी काफी बार मिल चुके हैं। सीएम की ओर से काफी जवानों की ई-मेल ड्यूटी देने के लिए हरियाणा होम गार्ड के जिला दफ्तरों को हिदायत दी गई थी।

जिनमें से कुछ जवानों को भर्ती कर लिया गया है, लेकिन अभी भी काफी जवानों को ड्यूटी नहीं दी गई है। तंवर ने बताया कि डा. सी.एस.राव  महा आदेशक गृह रक्षी विभाग, हरियाणा से भी काफी जवान ड्यूटी के लिए मिले और उन्होंने आश्वासन दिया कि कुछ दिनों में आपको ड्यूटी दे दी जाएगी, लेकिन वर्तमान डी.जी डा. सी एस राव ने अपना वादा पूरा नहीं किया। उल्टा काफी जवानों के घर नोटिस भिजवा दिए गए कि आपको वापसी नहीं लिया जा सकता। आप स्वयंसेवक हो, आपको कोई अधिकार नहीं है, लेकिन जवानों को बिना नोटिस के हटा दिया गया यह अधिकार वर्तमान डी.जी होम गार्ड  डॉ.सी.एस.राव को दिखाई नहीं देता।


हटे हुए जवान संदीप, जितेंद्र, रमेश, महावीर प्रसाद, रघुवीर, महावीर सिंह, रविंदर, चमकौर सिंह, शमशेर, कुलदीप, मुकेश, संदीप कुमार, संदीप शर्मा, राजेंद्र, ऋषिपाल, सुभाष इनके होम गार्ड विभाग ने खाते भी खुलवा दिए। काफी जवानों को होमगार्ड विभाग के व्यक्तिगत नंबर भी दे दिए गए, लेकिन अब तक ड्यूटी आॅनलाइन नहीं की। इन जवानों ने बताया कि पिछले 9-10 सालों में हमारा काफी पैसा खर्च हो चुका है। हरियाणा के मुख्यमंत्री निवास से लेकर होम गार्ड राज्य मुख्यालय चंडीगढ़ के चक्कर लगा-लगाकर हम थक चुके हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि हमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि उन्होंने हमारे नामों की सिफारिश ड्यूटी देने के लिए डीजी होमगार्ड कार्यालय चंडीगढ़ को कर दी थी और हमारी ईमेल आने के बाद भी डी.जी होमगार्ड कार्यालय ने अब तक हमें ड्यूटी नहीं दी है। डी.जी होमगार्ड डॉ. सी. एस राव से जो आश्वासन हमें मिला, वह ज्यों का त्यों बरकरार है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से फिर से विनती की कि विभाग द्वारा जल्द से जल्द उनका ड्यूटी रोस्टर बनाकर नाम आॅनलाइन कर ड्यूटी दी जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।