एचपीवी एक वायरस है जो मुख्य रूप से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनता है: डा. सिद्वांत आहुजा
नाथूसरी चौपटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वीरवार को आरएमपी की बैठक हुई। बैठक के दौरान उन्हें कम लिंगानुपात के बारे में जागरूक किया गया गया। अगर कोई ऐसा काम करता है या करवाता है उसकी रिपोर्ट करने को कहा गया। इसी के साथ ही एचपीवी वैक्सीन के बारे में जागरूकता दी गई।
सीएचसी नाथूसरी चौपटा के प्रभारी डा. सिद्वांत आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि एचपीवी एक वायरस है जो मुख्य रूप से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का प्रमुख कारण बनता है। यह संक्रमण अक्सर बिना किसी लक्षण के फैलता है और समय के साथ गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। इसी कारण कम उम्र में ही इस वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को टीके लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम करता है। किशोरावस्था में लगाया गया टीका अधिक प्रभावी माना जाता है।
उन्होंने बताया कि समय पर टीकाकरण से महिलाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में अवश्य शामिल कराएं।
उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।