बीजेपी की पूर्व पार्षद के पति को आत्महत्या के लिए किया गया मजबूर, 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश की बड़ी खबरों मेें रोहतक से हैं। जहां पर नगर निगम के पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति एडवोकेट प्रदीप नारा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया। कार से मिले सुसाइड नोट व पिता देवेंद्र नारा की शिकायत पर पुलिस ने मध्यप्रदेश की कंट्रक्शन कंपनी के संचालक समेत 10 लोगों रोहित नारा, महेंद्र नारा, हर्ष, दीपक, अजय, अभिमन्यु, महिपाल, महाबीर, सविंद्र व आशीष के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में देवेंद्र नारा ने गुरुवार को बताया कि वह मूल रूप से झज्जर जिले के गांव मदाना खुर्द के निवासीे हैं। फिलहाल जनता कोलोनी स्थित मकान में परिवार सहित रहते हैं। उनका इकलौता बेटा 40 साल का प्रदीप कुमार ठेकेदारी का काम करता था। कंपनी पी. के. कंस्ट्रक्शन प्रदेश के अलावा मध्यप्रदेश में सडक़ व बिल्डिंग बनाने का काम करती है। फिलहाल उनका काम मध्य प्रदेश के जिले अनूपपुर में चल रहा था।
पुलिस को दी शिकायत में देवेंद्र नारा ने बताया कि बेटे की कंपनी ने 2023 में दूसरी कंपनी से ठेके हासिल किए थे। इसके बावजूद कंपनी की ओर से पेमेंट नहीं की गई। प्रदीप ने अगस्त 2025 में लगभग 2.88 करोड़ रुपये के बिल जमा किए थे जिनकी पेमेंट आरोपी महेन्द्र, रोहित व महिपाल ने आज तक नहीं की। जब भी प्रदीप अपने मेहनत के पैसे मांगता था तो आरोपीगण टालमटोल करते थे और उसे डराते-धमकाते थे। पैसे मांगने की रंजिश में दिसंबर 2025 में आरोपियों ने प्रदीप को मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ के होटल से अगवा कर लिया।
रात के खाने में उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया झगड़ा किया। उसे जबरदस्ती कार में डालकर आरोपी बांधवगढ़ टाइगर सफारी के कोर एरिया के जंगल में ले गए। रंजिश के चलते ही आरोपियों ने प्रदीप के कटनी स्थित प्लॉट को अपनी तरफ से विवादित बताना शुरू कर दिया ताकि प्रदीप उसे बेचकर अपना कर्ज न उतार सके। अब आरोपियों ने दिए गए चैक बाउंस करवा दिए। परेशान होकर उसके बेट ने आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी सुशील कुमार का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करावा रहे हैं।