कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में है करियर की अपार संभावनाएं: इंजी. मोनिका

 

mahendra india news, new delhi
सिरसा की बेटी व असिस्टेंट प्रो. चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी इंजी. मोनिका ने कहा कि आज के आधुनिक युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) तेजी से विकसित होने वाली तकनीकों में से एक है। अक ऐसी तकनीक है जो मशीनों और कंप्यूटरों को मानव की तरह सोचने, सीखने, निर्णय लेने तथा समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनाती है। वर्तमान समय में एआई का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि, परिवहन, व्यापार तथा मनोरंजन जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा रहा है। एआई के बढ़ते उपयोग के कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। इंजी. मोनिका ने कहा कि आज कई कंपनियां ऐसे विशेषज्ञों की तलाश करती है, जो डेटा का विश्लेषण कर सकें और बुद्धिमान सिस्टम विकसित कर सकें। इसलिए अक में करियर बनाना छात्रों के लिए एक आकर्षक और भविष्य उन्मुख विकल्प बन गया है।


एआई के क्षेत्र में कई प्रकार के करियर उपलब्ध हैं, जैसे:
एआई इंजीनियर, मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, डेटा एनालिस्ट, रोबोटिक्स इंजीनियर, कंप्यूटर विजन इंजीनियर, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) विशेषज्ञ,  एआई शोधकर्ता। उन्होंने आगे बताया कि एआई में सफल करियर बनाने के लिए कुछ आवश्यक कौशल होने चाहिए, जैसे प्रोग्रामिंग (विशेष रूप से पेथोन), गणित, सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग तथा समस्या समाधान क्षमता।

विद्यार्थी बी टैक, बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, एमसीए या एआई एवं डेटा साइंस से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम करके इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, कई आॅनलाइन प्लेटफॉर्म अक से संबंधित प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र भी प्रदान करते हैं, जिससे व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। भविष्य में अक तकनीक का विस्तार और अधिक होने की संभावना है,

इसलिए इस क्षेत्र में रोजगार और विकास के अवसर भी बढ़ते रहेंगे। अंत में उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य का आधार है। यदि विद्यार्थी सही दिशा में कौशल विकसित करें, तो वे एआई के क्षेत्र में एक सफल और उज्ज्वल करियर बना सकते हैं।