हरियाणा में आरटीआई का जवाब न देना पड़ेगा महंगा, सरपंचों के मानदेय से तो अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से कटेगा जुर्माना;

 
 mahendra india news, new delhi

अब RTI के तहत मांगी गई जन सूचना समय पर ही उपलब्ध करवानी होगी। आरटीआइ (सूचना का अधिकार अधिनियर्म) का जवाब नहीं देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। अब नये आदेशों के अनुसार जुर्माना नहीं चुका रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त हो चुके लोगों की पेंशन से हर महीने एकमुश्त राशि काटी जाएगी। इसी प्रकार से प्रदेश के सरपंचों के मामलों में जुर्माना राशि की वसूली उनके मानदेय से 3000 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी।

 मानदेय से काटे जाएंगे 3000 रुपये

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायतों के कार्यरत सरपंचों के मामलों में दंड राशि की वसूली उनके मानदेय से 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी। पूर्व सरपंचों के मामले में स्वेच्छा से राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में संबंधित विभाग ऐसे मामलों को संबंधित DC को भेजेंगे करेंगे, ताकि लागू राजस्व कानूनों अथवा उपयुक्त वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के अंतर्गत वसूली की कार्रवाई की जा सके। प्रदेश राज्य सूचना आयोग तथा पंचायत एवं विकास विभाग को इन मामलों में आपसी समन्वय से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपको बता दें कि प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के मुख्य प्रशासकों एवं प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को निर्देशित किया है कि जन सूचना का अधिकार आयोग द्वारा लगाए गए दंड की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करें। राज्य सूचना आयोग द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने में विलंब के मामलों में दोषी राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIO) पर प्रति मामले 250 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये तक दंड लगाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न विभागों से संबंधित एसपीआईओ पर लगाए गए दंड में से करीब दो करोड़ 95 लाख रुपये से अधिक की राशि लंबित है।

इसी के साथ ही राहत की बात यह कि हरियाणा सरकार ने एकमुश्त वसूली के स्थान पर मासिक किस्तों में वसूली की स्वीकृति दी है, ताकि संबंधित अधिकारियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ न पड़े। संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) द्वारा संबंधित अधिकारियों के वेतन या पेंशन से मासिक कटौती की जाएगी। क्लास-ए अधिकारियों से सेवा के दौरान दस हजार रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने की स्थिति में पांच रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे। क्लास-B अधिकारियों से सेवा के दौरान सात हजार रुपये प्रतिमाह व सेवानिवृत्त होने पर तीन हजार पांच सौ रुपये प्रतिमाह की दर से वसूली की जाएगी।

इसी तरह से क्लास-C कर्मचारियों से सेवा के दौरान चार हजार रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने पर दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से राशि वसूल की जाएगी। यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू होगी और संपूर्ण बकाया राशि की वसूली तक जारी रहेगी। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर संबंधित राज्य जन सूचना अधिकारी का निधन हो चुका है, तो अधिनियम के अंतर्गत लगाया गया दंड माफ कर दिया जाएगा और किसी प्रकार की वसूली नहीं होगी।