संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक भारत की मीटिंग में पशुपालक किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर हुई चर्चा: लखविंदर सिंह औलख
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-किसान भवन चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में नेस्ले इंडिया लिमिटेड कंपनी द्वारा दूध खरीद में किसानों से हो रही है धांधलियां : लखविंदर सिंह औलख
सिरसा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिवस किसान भवन चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक भारत की मीटिंग हुई, जिसमें किसानों मजदूरों की लंबित मांगों तथा मौजूदा समय में आ रही समस्याओं को लेकर टोल प्लाजा पर्ची मुक्त करने का ऐलान किया गया
, जिसमें 11 मई को फिरोजशाह टोल प्लाजा फिरोजपुर, 18 मई को सोल्खियां टोल प्लाजा रोपड़ तथा 29 मई को खुईया टोल प्लाजा डबवाली (सिरसा) सुबह 11:00 बजे से 3:00 तक पर्ची मुक्त किया जाएंगे। इस मीटिंग में औलख ने पशुपालक किसानों के प्राइवेट दूध खरीद कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोषण के बारे में भी बात रखी। औलख ने कहा कि नेस्ले इंडिया लिमिटेड कंपनी द्वारा हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में पशुपालक किसानों ने कंपनी के कहने करोड़ों रुपए के पशु खरीदे, शैड लगवाए
, लेकिन अब नेस्ले इंडिया लिमिटेड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है छोटे में बड़े किसानों से दूध न खरीद कर ठेकेदारों से कमीशन के चक्कर में लाखों लीटर दूध खरीद जा रहा है, जिन किसानों ने नेस्ले कंपनी के जान से में आकर करोड़ों रुपए लगाकर फार्म शुरू किए थे वह कर्ज में डूब चुके हैं और कंपनी उनकी सुनवाई नहीं कर रही है
। इस विषय को लेकर हमने भारतीय किसान एकता की तरफ से कंपनियों के देश में विदेश में उच्च अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भी भेजी हुई है, लेकिन उसका आज तक ना तो कोई रिप्लाई आया है और ना ही पशुपालक किसानों की समस्या का हल हुआ है। मौजूदा नेस्ले प्लांट मोगा में ऊंचे पदों पर बैठे डा. सुमित धीमान, डा. चेतन शर्मा, डा. अरविंद मलिक सहित कई अन्य अधिकारियों के भ्रष्टाचार के काले चिट्ठे हमने ई-मेल के माध्यम से कंपनी को भेज रखे हैं कि किस तरह से यह ठेकेदारों से कमीशन लेकर दूध खरीद रहे हैं।
पशु फीड में इनका कमीशन तय है, जो नेस्ले इंडिया कंपनी क्वालिटी उत्पादन के बारे में जानी जाती थी। आज उसकी हालत इन भ्रष्ट अधिकारियों ने इस कदर कर दी है कि 15 से 20 लाख लीटर रोजाना मोगा प्लांट में दूध खरीदने वाली कंपनी अब 4 से 5 लाख लीटर तक सिमट गई है। यह भ्रष्ट अधिकारी प्राइवेट प्लांट से पाउडर खरीद कर नेस्ले का मार्का लगाकर बेच रहे हैं। औलख ने कहा कि हमारे हरियाणा के सिरसा क्षेत्र के किसानों के तथा चिलिंग प्लांट वालों के लाखों रुपए लागत कर उनसे दूध लेना बंद कर दिया है, जिसमें रंधावा डेयरी फार्म ऐलनाबाद भी शामिल है।
अपने मोर्चे के पंजाब के किसान नेताओं से कहा कि हम सबको मिलकर नेस्ले इंडिया लिमिटेड के खिलाफ संघर्ष करना पड़ेगा, ताकि पशुपालक किसानों को बचाया जा सके और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जा सके, इसके लिए सभी ने सहमति जताई।