वर्तमान समय में लोक प्रशासन की उपयोगिता केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं है

 
In the present times, the utility of public administration is not limited to the government sector only
 

  चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का लोक प्रशासन विभाग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। लोक प्रशासन एक ऐसा विषय है जो विद्यार्थियों को शासन, प्रशासन, नीति निर्माण, नेतृत्व एवं सामाजिक विकास की गहन समझ प्रदान करता है तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है।


विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुल्तान सिंह ढांडा ने बताया कि लोक प्रशासन का अध्ययन विद्यार्थियों को प्रशासनिक सिद्धांत एवं व्यवहार, भारतीय प्रशासन, लोक नीति एवं सुशासन, वित्तीय एवं मानव संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण एवं शहरी विकास, पंचायती राज, ई-गवर्नेंस, प्रशासनिक विधि एवं नैतिकता तथा सार्वजनिक क्षेत्र प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यापक ज्ञान प्रदान करता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल, प्रभावी संचार एवं समस्या समाधान जैसी व्यावहारिक दक्षताओं का भी विकास होता है।


उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन विषय सिविल सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस विषय का अध्ययन करने के बाद विद्यार्थी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), राज्य सिविल सेवाओं, विकास अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, नीति विश्लेषक तथा विभिन्न सचिवालय सेवाओं में अपना करियर बना सकते हैं।


उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लोक प्रशासन की उपयोगिता केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र में भी मानव संसाधन प्रबंधन, संचालन प्रबंधन, जनसंपर्क, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), परियोजना प्रबंधन एवं अनुपालन अधिकारी जैसे पदों पर इस विषय के विद्यार्थियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, सामाजिक विकास परियोजनाओं तथा संयुक्त राष्ट्र और यूनिसेफ जैसी एजेंसियों में भी रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।


विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि लोक प्रशासन ऐसा विषय है जो विद्यार्थियों को केवल रोजगार के अवसर ही नहीं प्रदान करता, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील एवं नैतिक नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशिक्षित प्रशासनिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए युवाओं को इस विषय के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का अवसर मिलता है।


उन्होंने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और मूल्यों से युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोक प्रशासन विभाग विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जनसेवा की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने का कार्य कर रहा है।