गांव नाथूसरी कलां में बेटी को घोड़ी पर बैठाकर निकाला बनौरा, भतीजी की शादी को लेकर चाचा ने निकाला बनौरा 

 
mahendra india news, new delhi

गांव नाथूसरी कलां में चाचा अपनी भतीजी की शादी को लेकर बनौरा दिया। इस खुशी में भतीजी आरजू को घोड़ी पर बैठाकर बेटा-बेटी समानता का संदेश दिया है। बेटी की शादी की रस्मों को वैसे ही निभाया,जैसे बेटों की निभाई जाती है।  गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू)हिसार के पूर्व रजिस्ट्रार देवेंद्र कासनियां की बेटी आरजू की शादी 30 नवंबर 2025 को आईपीएस सुधीर के साथ होने जा रही है। आरजू भी यूपीएससी की तैयारी कर रही है। 

आरजू की शादी को लेकर गांव निवासी अनिल कासनियां ने बनौरा निकाला। परिजनों ने डीजे पर नाच कर रस्म निभाई. जिसमें सभी परिजनों ने नाच-गाकर जश्न मनाये. वहीं शादी से पहले परिवार द्वारा निभाई जा रही रस्मों को देखकर गदगद नजर आ रही हैं. 


आरजू ने बताया की उनके परिवार में बेटियों को पूरा मान और सम्मान मिलता है. परिवार ने कभी भी उसके और उसके भाइयों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया है. उसकी शादी में लड़कों के जैसे ही पुरे रस्म-रिवाज निभाई जा रहा है। 

बेटिया किसी से कम नहीं 
अनिल कासनियां ने कहा कि आज बेटिया किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। समाज के बदलते परिवेश और शिक्षा के विकास के कारण अब रूढ़िवादी परंपराओं को जनता धीरे-धीरे तिलांजलि देने लगी है. जहां पहले बेटियों को समाज में बोझ समझा जाता था, वहीं अब शिक्षा और जागरुकता की वजह से जनता की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है. आधुनिक दौर में शिक्षा के प्रसार-प्रचार से समाज में आई जागरूकता से बेटियों को भी बेटों के बराबर सम्मान मिलने लगा है। 

गांव की हौनहार बेटियां को करते हैं हर वर्ष सम्मानित 
अनिल कासनियां ने बताया कि गांव की बोर्ड की परीक्षा में बारहवीं कक्षा में अव्वल रहने वाली बेटियां को पिता राजाराम कासनियां की याद में सम्मानित किया जाता है। गांव में प्रथम रहने पर 5100 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाली 3100 रुपये व तृतीय स्थान पर रहने वाली बेटियां को 2100 रुपये का नगद इनाम दिया जाता है।