SIRSA जिला जेल में जल्द मिलेंगी बंदियों को लाइब्रेरी व कंप्यूटर लैब की सुविधा
Mahendra india news, new delhi
सिरसा। जिला जेल में बंद बंदियों को शिक्षा एवं ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से जल्द लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए शहर के प्रबुद्ध समाजसेवी पंकज खेमका (ओएचएम) सहित कुछ अन्य लोगों ने पहल की है और सहयोग के लिए हाथ बढ़ाएं हैं। इस दिशा में बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक की ओर से जिला जेल को विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकें भेंट की गईं।
इस पहल का उद्देश्य जेल में रह रहे बंदियों को पढ़ने-लिखने के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना तथा उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में लेकर आना है। जेल प्रशासन की ओर से लाइब्रेरी के लिए उपयुक्त स्थान तैयार किया जा रहा है, जहां बंदियों के लिए साहित्य, सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, धार्मिक एवं प्रेरणादायक पुस्तकों सहित विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही कंप्यूटर रूम भी स्थापित किया जाएगा, ताकि बंदियों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिल सके। बता दें कि पंकज खेमका इससे पहले भी जिला जेल के साथ-साथ समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी रहकर सहयोग करते रहे हैं।
खाली समय का सदुपयोग कर सकेंगे बंदी: गुरदीप सैनी
बाबा सरसाई नाथ बुक बैंक के संचालक गुरदीप सैनी ने कहा कि लाइब्रेरी के स्थापित होने से जेल में शिक्षा का माहौल मजबूत होगा। पुस्तकों के माध्यम से बंदी अपने खाली समय का सदुपयोग कर ज्ञानवर्धन कर सकेंगे। वहीं कंप्यूटर शिक्षा उन्हें आधुनिक तकनीक से परिचित कराने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। सैनी ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम हैं। जेल में बंदियों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवाना उनके पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी पुस्तकों की आवश्यकता पड़ी तो बाबा सरसाईनाथ बुक बैंक अवलिंब पुस्तकें उपलब्ध करवाएगा।
-जिला जेल में लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की सुविधा शुरू होने से बंदियों को शिक्षा, ज्ञान और तकनीकी प्रशिक्षण का बेहतर वातावरण मिल सकेगा। यह पहल उनके व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ भविष्य में उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समाज के विभिन्न संगठनों और संस्थाओं को भी इस प्रकार की रचनात्मक पहल में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।
-जसवंत सिंह, जेल सुपरीडेंट, सिरसा।