अंतरराष्ट्रीय आईवीएफ दिवस: गिरती प्रजनन दर के प्रति आमजन में चेतना पैदा करना जरूरी: डा. शिखा गोयल
mahendra india news, new delhi
सिरसा शहर के डबवाली रोड स्थित होली नर्सिंग होम की प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञा व आईवीएफ एक्सपर्ट डा. शिखा गोयल ने कहा कि विश्व आईवीएफ दिवस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वभर में 25 जुलाई आई.वी.एफ दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि 25 जुलाई 1978 के दिन दुनिया की पहली आई.वी.एफ संतान लुईस ब्राउन का लंदन में जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि 5 दशक में आई.वी.एफ टेक्नोलॉजिज ने बहुत विकास किया है।
आज पूरा विश्व चिंतित है। चिंता का विषय यह है कि सारी दुनिया में भारत एक ऐसा इकलौता देश है, जिसमें नागरिकों में प्रजनन दर सबसे कम यानि 1.9 रह गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन व एलेन मॉस्क जैसी संस्थाओं ने भारत की न्यूनतम प्रजनन दर पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम देश की जनता में गिरती प्रजनन दर के बारे में चेतना पैदा करें। इसके लिए समाचार पत्र, सोशल मीडिया, टीवी आदि संसाधनों पर जन जागरूकता अभियान शुरू करना चाहिए,ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता आए और प्रजनन दर को संतुलित किया जाए।
प्रजनन दर कम होने के कारण:-
डा. शिखा गोयल ने पुरुषों में प्रजनन दर कम होने के कारणों का उल्लेख करते हुए बताया कि जेब में रखा स्मार्ट फोन और गोद में रखे लैपटॉप की गर्मी से शुक्राणु कम हो जाते हैं। मोटापा शरीर में टेस्टोस्टेरोन को कम करके इस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ाता है। व्यवसन जैसे कि शराब , स्मोकिंग , और सिंथेटिक शुक्राणुओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
देर रात जागने और मोबाइल एडिक्शन से मेलॉटिन हार्मोन कम होने से भी शुक्राणु कम हो जाते हैं। वहीं स्त्री में प्रजनन दर कम होने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए डा. गोयल ने बताया कि देर से शादी 30 साल की उम्र के बाद अंडो की संख्या कम होने लगती है। कॉस्मेटिक्स, डिब्बा बंद खाने से अंडाशय के रिजर्व कम हो सकते हैं। तनाव से कोर्टिसोल लेवल बढ़ने से भी अंडे प्रभावित होते है। पुरुष वाले कारण भी लागू होते हैं।