जेजेपी जिलाध्यक्ष ने की मोगियां उखाडऩे के नोटिस की कड़े शब्दों में निंदा
राइस सूट पालिसी के तहत घग्गर और ओटू से निकलने वाली फ्लडी नहरों पर लगाई गई सभी मोगियों को हटाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा ऐलनाबाद और रानियां विधानसभा के 70 से ज्यादा गांवों किसानों को नोटिस जारी करने की जेजेपी जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
मोगियां उखाडऩे के लिए किसानों को एक सप्ताह का विभाग ने समय दिया है। जारी बयान में अशोक वर्मा ने कहा कि किसान मोगियां हटाने की बजाए सीमेंट लगाकर बंद किए जाने की मांग कर रहे हैं, जबकि विभाग द्वारा जबरन बंद करने का फरमान सरकार के तानाशाही व किसान विरोधी रवैये को दर्शाता है। वर्मा ने कहा कि ये फ्लडी नहरें है और इनमें बारिश के समय ही पानी आता है। इन नहरों से पिछले 50 सालों से किसान सिंचाई करते आ रहे हैं। पिछले साल भी सिंचाई विभाग ने एक्ट का हवाला देकर किसानों को नोटिस जारी किए थे।
वर्मा ने कहा कि फ्लडी नहरों के बीच किसानों द्वारा नियम अनुसार मोगियां लगाई हुई है। एनजीसी और एसजीसी में बारिश का पानी ही आता है और अन्य दिनों में बंद रहती है। मानसून सीजन के दौरान सिंचाई विभाग की तरफ से राइस सूट पालिसी के तहत घग्गर व ओटू से निकलने वाली फ्ल्डी नहरों से 30 जून से 30 सितंबर तक किसानों को धान की सिंचाई करने के लिए नियम अनुसार मोगियां लगाने की अनुमति दी जाती है। जिसका साइज, ऊंचाई निर्धारित होती है। किसान फ्लडी पानी लगाने के लिए सिंचाई विभाग को रुपये अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि मोगियों को हटाया जाता है तो नहरों के तटबंध कमजोर होंगे और दोबारा से मोगियां लगाने पर किसानों को 10 से 15 हजार रुपये की राशि खर्च करनी पड़ेगी।
वहीं पाइपें भाखड़ा नहर के नीचे से निकाली हुई है। जिसे नुकसान होगा। उन्होंने मांग कि किसानों को नियमानुसार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाए, ताकि फसलें प्रभावित न हो। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर नोटिस को वापस नहीं लिया गया और किसानों को नियमानुसार पानी उपलब्ध नहीं करवाया गया तो जेजेपी सडक़ों पर उतरकर किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ेगी।