सांपों का दोस्त है गिगोरानी का जोगिंद्र सिंह बैनीवाल! अब तक सैकड़ों विषधरों का रेस्क्यू कर घने जंगल में छोड़ा

Joginder Singh Bainiwal of Gigorani is a friend of snakes! He has rescued hundreds of venomous snakes and released them into the dense forest
 
mahendra india news, new delhi

 सांप का नाम सुनते ही अधिकतर व्यक्तियों के होश उड़ जाते हैं, उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो सांपों से डरते नहीं. बल्कि वो उन्हें आसानी से पकड़ लेते हैं। उन्हें पता होता है कि सांप को कैसे कंट्रोल करना है। ये हैं गांव गिगोरानी के जोगिंद्र सिंह बैनीवाल उर्फ जोगा।

जोगिंद्र सिंह बैनीवाल सांप पकड़ने में माहिर हैं, खतरनाक व विषैले सांपों को विक्रम आसानी से अपने कब्जे में कर लेते हैं. अगर उनको कोई सांप पकड़ते हुए देखता है तो यही कहता है कि जोगिंद्र सिंह और सांप के बीच में दोस्ती है।

जोगिंद्र सिंह बैनीवाल को विषधरों से डर नहीं लगता है. वो गांव, खंडहरों, खेत-खलिहान में निकलने वाले जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़ कर जंगल में छोड़ देते हैं. जोगिंद्र सिंह बैनीवाल बचपन से ही सांप पकड़ते आ रहे है, यह कार्य उन्होंने बचपन से ही सीखा है, जोगिंद्र सिंह अभी तक अनगिनत सांपों को पकड़ चुके हैं.

आबादी से दूर जंगल में छोड़ देते हैं सांप
जोगिंद्र सिंह ने कहा कि सांप पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, अज्ञानता में लोग उन्हें देखते ही मार देते हैं, सांप तो स्वयं आदमी से डरते हैं, लेकिन यह बात इंसान नहीं समझता और वो उसे अपने लिए खतरा मानता है,  मैंने अभी तक अनगिनत कोबरा (नाग) सांप, गोहिरा पकड़े हैं और उन्हें बस्ती से दूर ले जा कर छोड़ देता हूं। एक दिन पहले नाथूसरी चौपटा में सांप को घर से पकड़ा, जिनको सुनसान जगह पर छोड़ दिया, सांपों को सुरक्षा एवं समाजसेवा के भाव से पकड़ता हूं. बाद में उनको ऐसी जगह पर छोड़ देता हूं जहां आबादी न हो.

बचपन से सीखा सांप पकड़ना  
जोगिंद्र सिंह ने बताया कि मुझे बचपन से ही सांप पकड़ कर छोड़ रहा हूं।, मुझे इनसे कोई डर नहीं लगता है। पर्यावरण में फैले विषैले गैसों को सांप अपने अंदर ले लेते हैं और उसको कार्बन डाइऑक्साइड में बदलने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं