हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की संयुक्त बैठक: मार्केट कमेटी कार्यालयों पर लगाए जाएंगे ताले
mahendra india news, new delhi
हरियाणा के दो बड़े मोर्चों हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें किसानी मुद्दों पर आगे मिलकर लड़ने का फैसला किया गया । फसल खरीद में किसानों की हो रही लूट के खिलाफ 14 अक्टूबर को सभी मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तालाबंदी करते हुए 3 घंटे के विरोध प्रदर्शन करेंगे और फिर भी सरकार नहीं मानती तो बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। बैठक में किसानों ने दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को कुचलने के लिए किए गए लाठीचार्ज, गिरफ्तारियों का कड़ा विरोध किया है। बैठक में दोनों मोर्चा में बिजली के निजीकरण की दिशा में बिजली वितरण का काम प्राइवेट कंपनियों को देने का विरोध किया है। संयुक्त बैठक की अध्यक्षता रतन मान, लखविंदर सिंह औलख, बलबीर सिंह, मनदीप नथवान ने संयुक्त तौर पर की।
प्रेस को जानकारी देते हुए किसान नेताओं ने बताया कि शनिवार को नरवाना किसान रेस्ट हाउस में हरियाणा के दो बड़े मोर्चे जिसमें हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने किसानों के मुद्दों पर प्रदेश भर एकजुट लड़ाई लड़ने का निर्णय किया है। इस लड़ाई की शुरूआत करते हुए मंडियों में फसल खरीद में किसानों की हो रही लूट, एमएसपी से नीचे बिक रही फसलों, खरीद में लगाई गई किसान विरोधी शर्तों जिसमें धान और बाजरे पर प्रति एकड़ पर खरीद लिमिट, जिलों की शर्त,पोर्टल के नाम किसानों को तंग करने की योजना, अवैध कट का विरोध किया गया। दोनों मोर्चों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार किसानों को लूटने में शामिल है कहीं भी किसान की धान की फसल, बाजरे की फसल 2461 रु और 2900 रुपए क्रमश: प्रति क्विंटल से नीचे बिक रही है। किसानों की इस लूट का जिम्मेदार कौन है? भाजपा पंजाब में तो एमएसपी के नाम पर वोट मांग रही है,
यहां किसानों को लुटवा रही है। दोनों मोर्चों ने तय किया है कि सरकार की इस लूट के खिलाफ 14 अक्टूबर को सभी जिलों में सभी मार्केट कमेटी कार्यालयों पर 3 घंटे के लिए तालाबंदी करते हुए विरोध दर्ज करवाया जाएगा और फिर भी सरकार सुनवाई नहीं करेगी तो 14 अक्टूबर के बाद बड़े निर्णय का ऐलान किया जाएगा। संगठनों ने किसानों से अपील की है जहां कहीं भी फसल तय एमएसपी से नीचे बिक रही है, वो सामने आकर विरोध दर्ज करवाएं। दोनों मोर्चों ने आज बैठक में दिल्ली प्रदर्शन करने जा रहे छात्र युवाओं की की गई गिरफ्तारियों का कड़ा विरोध करते हुए सभी गिरफ्तार किए गए युवाओं को रिहा करने की मांग की है,
अन्यथा किसान मोर्चे भी इस आंदोलन में शामिल हो सरकार का विरोध करेंगे। बैठक के माध्यम से किसान संगठनों ने बिजली का निजीकरण करते हुए हरियाणा के दो जिलों गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लाइसेंस प्राइवेट कंपनियों को देने का विरोध किया है। इस मौके पर बैठक में हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा तथा संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के 23 घटक संगठन शामिल रहे।