विधि विभाग के छात्र कृष शर्मा ने जमेंट राइटिंग प्रतियोगिता में पाया प्रथम स्थान 

Krish Sharma, a student of the Law Department, secured first place in the judgment writing competition.
 
 

 
सिरसा। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के विधि विभाग के छात्र कृष शर्मा ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ओडिशा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की जजमेंट राइटिंग प्रतियोगिता एवं कॉनक्लेव न्याय उद्घोष-2026 में प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय एवं हरियाणा प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। कृष शर्मा विधि विभाग के तृतीय वर्ष बी.ए. एलएल.बी. का विद्यार्थी हैं। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों तथा प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थानों की लगभग 100 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें कृष शर्मा ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजय कुमार के मार्गदर्शन एवं विधि विभागाध्यक्ष डॉ. रोहताश के दिशा-निर्देशन में विधि विभाग द्वारा विद्यार्थियों को निरंतर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक, विधिक एवं शोध प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसी क्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास पूनिया के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कृष शर्मा ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विधि विभाग एवं विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।


कुलपति डॉ. विजय कुमार ने कृष शर्मा को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शैक्षणिक वातावरण को दशार्ता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी विद्यार्थी इसी प्रकार विश्वविद्यालय का नाम रोशन करते रहेंगे। डॉ. विकास पूनिया ने कहा कि विधि विभाग के विद्यार्थी समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं, मूट कोर्ट, जजमेंट राइटिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं एवं शोध गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अनेक ट्रॉफियां एवं सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां विद्यार्थियों की मेहनत, विभाग के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तथा शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का परिणाम हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में भी इसी प्रकार विधिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को न्यायाधीश की भूमिका निभाते हुए दिए गए तथ्यों, साक्ष्यों, वैधानिक प्रावधानों तथा न्यायिक दृष्टांतों के आधार पर विस्तृत न्यायिक निर्णय तैयार करना था। कृष शर्मा ने अपनी उत्कृष्ट न्यायिक तर्कशक्ति, गहन विधिक शोध, प्रभावशाली कानूनी विश्लेषण तथा संतुलित निर्णय लेखन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन मानवेंद्र (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी), सुहानी (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) तथा कैप्टन वासा (जज एडवोकेट जनरल अधिकारी) द्वारा किया गया।

इसके अतिरिक्त आयोजित आॅनलाइन कॉनक्लेव में न्यायिक लेखन, निर्णय प्रक्रिया, संवैधानिक मूल्यों, प्रभावी न्यायिक तर्कशक्ति तथा समकालीन विधिक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। इस उपलब्धि को विधि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए विभाग के प्राध्यापकों ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में व्यावहारिक विधिक ज्ञान, विश्लेषणात्मक सोच एवं न्यायिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर अधिष्ठाता (महाविद्यालय)प्रो. रामहेर दीक्षित, डॉ. वकील मेहरा, संदीप बिसला तथा वनीता सहित विधि विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने भी कृष शर्मा की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं