CDLU SIRSA में बी.एससी. गणित के विद्यार्थियों  के लिए “मेटलैब प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत” विषय पर व्याख्यान

 

 mahendra india news, new delhi

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज़ के गणित विभाग द्वारा बी.एससी. गणित के विद्यार्थियों  के लिए “मेटलैब प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को  आधुनिक वैज्ञानिक गणनाओं एवं तकनीकी अनुसंधान में प्रयुक्त होने वाली मेटलैब प्रोग्रामिंग भाषा की उपयोगिता से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी कौशल का विकास करना था।


यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन तथा डीन यूएसजीएस प्रोफेसर मोहम्मद काशिफ के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गवर्नमेंट कॉलेज, भुना की सहायक प्राध्यापक शिल्पा जैन जो सौभाग्य से हमारे विश्वविद्यालय की एलुमनाई भी है, ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई।

अपने व्याख्यान में शिल्पा जैन ने विद्यार्थियों को मेटलैब के मूलभूत सिद्धांतों से अवगत कराते हुए मेटलैब प्रोग्रामिंग भाषा के आधारभूत तत्वों को अत्यंत सरल, स्पष्ट एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मेटलैब वैज्ञानिक गणनाओं, इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों, डेटा विश्लेषण, मॉडलिंग एवं सिमुलेशन के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली और उपयोगी सॉफ्टवेयर है। उन्होंने विशेष रूप से जटिल गणितीय एवं भौतिक समस्याओं के समाधान में मेटलैब की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

व्याख्यान के दौरान उन्होंने अनेक व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया कि किस प्रकार मेटलैब का उपयोग दैनिक जीवन, भौतिकी, गणित तथा विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधानों में किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग के प्रति उत्साहित करते हुए यह भी प्रेरित किया कि आधुनिक युग में कंप्यूटेशनल ज्ञान शोध एवं तकनीकी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ व्याख्यान में भाग लिया तथा विभिन्न जिज्ञासाओं से संबंधित प्रश्न पूछकर विषय की गहन समझ प्राप्त की।

संवादात्मक शैली में प्रस्तुत यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में डॉ. सोनिका चोपड़ा, डॉ. विनोद कुमार सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए इस प्रकार के ज्ञानवर्धक व्याख्यानों एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।