नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव में तेंदुए की दहशत, मंदिर के लाउडस्पीकर से करवाई मुनियादी, वन्य जीव विभाग ने बताए इस जानवर के निशान

 
mahendra india news, new delhi

नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में जंगली जानवर तेंदुए को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। गांवों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में गांव शाहपुरिया में भी तेंदुआ देखे जाने की सूचना से ग्रामीणों में हडक़ंप मच गया। लेकिन गुरुवार को सूचना मिलने पर वन्य जीव विभाग की टीम गांव शाहपुरिया पहुंची और उन्होंने पांव के निशान की फोटो खींचकर उच्च अधिकारियों को भेजा उन्होंने बताया कि यह  किसी गीदड़ के पांव के निशान है। 

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम के समय ग्रामीणों द्वारा खेतों में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलने के बाद गांव के मंदिर के लाउडस्पीकर से मुनियादी करवाई गई। ग्रामीणों को सतर्क करते हुए एकत्रित होने और सावधानी बरतने की अपील की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण इक_ा हो गए और तेंदुए की तलाश शुरू की।

ग्रामीणों के अनुसार शाहपुरिया से गिगोरानी रोड की ओर खेतों में तेंदुए के पांव के निशान भी देखे गए हैं। गांव निवासी  ने बताया कि खेतों में तेंदुए के स्पष्ट निशान नजर आए हैं, जिससे ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है।

गौरतलब है कि बीते करीब एक महीने से राजस्थान और हरियाणा की सीमा से सटे इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों की खबरें मिल रही हैं। सबसे पहले राजस्थान के तारानगर क्षेत्र में तेंदुआ होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद भादरा तहसील के साहूवाला गांव में भी तेंदुए के पांव के निशान मिले थे। वहीं हरियाणा के कागदाना और नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं मिल चुकी हैं।

लगातार मिल रही इन खबरों के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और तेंदुए को जल्द पकडऩे की मांग की है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

जयविंद्र सिंह नेहरा, जिला वन्य जीव अधिकारी ने बताया किगांव शाहपुरिया में जंगली जानवर के आने की सूचना मिली सूचना मिलते ही वीरवार को विभाग की टीम ने जाकर निरीक्षण किया। वहां पर खेतों में जो ग्रामीणों ने निशान दिखाएं उनकी जांच करने पर पाया कि है किसी गीदड़ के पांव के निशान है उन्होंने ग्रामीणों से अपील कि किसी प्रकार के जंगली जानवर की सूचना मिलने पर तुरंत वन्य जीव विभाग को सूचित करें।