नाथूसरी कला में गौशाला में भक्तिभाव के साथ मनाया गया लोहड़ी का पर्व; भजनों पर झूमे श्रद्धालु

Lohri festival celebrated with devotion at the cowshed in Nathusari Kala; devotees danced to the hymns
 

mahendra india news, new delhi
महर्षि दयानंद सरस्वती गौशाला नाथूसरी कला में मंगलवार को लोहड़ी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गौशाला परिसर में विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में गौ-भक्तों और स्थानीय निवासियों ने शिरकत की।
​​कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से गौ-पूजन और लोहड़ी की पवित्र अग्नि प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात प्रसिद्ध भजन गायक मास्टर बलविंदर एंड पार्टी ने भगवान कृष्ण और गौ-माता की महिमा का गुणगान किया। "मीठे रस से भरयो री..." और "गोपाला गोपाला देवकी नंदन गोपाला..." जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे।  कार्यक्रम मे भगवान श्री राम व राधा कृष्ण की मनमोहक झांकी प्रस्तुत करके भगवान और भक्त की महिमा बताई गई।


​​गौशाला समिति के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश कासनिया ने बताया कि लोहड़ी का पर्व नई फसल और खुशहाली का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "आज के दिन गौ-माता की सेवा करना विशेष पुण्यदायी होता है। हम हर वर्ष यहाँ उत्सव मनाते हैं ताकि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और गौ-सेवा के महत्व से जुड़ सके।"
​तिल-गुड़ और मूंगफली का प्रसाद ​लोहड़ी की परंपरा को निभाते हुए पवित्र अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित की गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को 'गौ-प्रसाद' वितरित किया गया। 


​कार्यक्रम में गांव के सरपंच रीटा कासनीया, हरि सिंह कासनीया, कुलदीप शर्मा, एडवोकेट मुकेश, हनुमान कासनीया, बृजलाल कासनीया, महेंद्र सिंह, प्रभु सोनी, पूर्व प्रधान संतलाल कासनीया, प्रहलाद कासनीया, भोपाल शास्त्री, कृष्ण मित्तल, राममूर्ति भडिया, सुरेश शर्मा, नरेश मित्तल, हनुमान शर्मा, सतीश कासनिया, लिछमन स्वामी, रामस्वरूप,सुरेंद्र कसवा, गौशाला प्रबंधन समिति के सभी सदस्य व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।