एचकेआरएनएल कर्मचारियों के काटे जा रहे एसजीएसटी व सीजीएसटी के विरोध में सौंपा ज्ञापन, चेतावनी, अधिकारियों ने नहीं की सुनवाई तो कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

 

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
 जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से गैर कानूनी व अवैध रूप से काटे जा रहे एसजीएसटी व सीजीएसटी (अवैध वसूली) के विरोध में कार्यकारी अभियंता को एक मांग पत्र सौंपा। पत्र की कॉपी प्रमुख अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पंचकूला, मैनेजिंग डायरेक्टर, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, चण्डीगढ़, अधीक्षक अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, परिमण्डल, सिरसा, जिला श्रम एवं समझौता अधिकारी, सिरसा, प्रदेशाध्यक्ष एवं महासचिव, हरि. पीडब्ल्यूडी कर्मचारी संघ रजि. 1235 प्रदेशाध्यक्ष एवं महासचिव, हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ को भी प्रेषित की गई है। ब्लॉक शहरी प्रधान सिरसा, हरियाणा राज्य कर्मचारी संघ से शिवचरण कण्डारा ने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मण्डल नंबर-2, सिरसा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अन्तर्गत कार्यरत कर्मचारियों के हर माह के वेतन से 9 प्रतशत एसजीएसटी व 9 प्रतिशत सीजीएसटी काटकर वेतन का भुगतान किया जा रहा है।

इसके अलावा 2 प्रतिशत आयकर कर भी काटा जा रहा है। जोकि सितम्बर-2022 से अबतक लगातार कट रहा है।  उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारी के तौर पर किसी भी रेगुलर कर्मचारी के समान, बहुत ही कम वेतन में अपनी सेवाएं देने वाले ऐसे कर्मचारियों के साथ यह कटौती बहुत ही अन्यायपूर्ण है, बल्कि कानून की दृष्टि में भी पूरी तरह अवैध है। इसके विपरीत विभाग में कार्यरत रेगुलर कर्मचारी जिनको हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों से ढ़ाई से तीन गुना अधिक वेतन मिलता है उनके वेतन पर भी किसी तरह से एसजीएसटी व सीजीएसटी नहीं कटता, बल्कि टीडीएस कटता है और वो भी रिफण्डेबल होता है, क्या ये किसी भी तरह से तर्क संगत है।

सीजीएसटी अधिनियम की अनुसूचि-।।। खण्ड में कहा गया है कि किसी कर्मचारी द्वारा नियोक्ता को उसके रोजगार के दौरान या उसके संबंध में प्रदान की गई कोई भी सेवा न तो माल की आपूर्ति और न ही सेवाओं की आपूर्ति मानी जाएगी। क्योंकि इसे आपूर्ति नहीं माना जाता है, इसलिए कर्मचारी के वेतन या मजदूरी पर कोई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसट) लागू नहीं होता। कंडारा ने कहा कि वेतन से जीएसटी कटौती वेतन भुगतान अधिनियम का सीधे तौर पर उल्लंघन है।

वेतन भुगतान अधिनियम-1936 की धारा 7 व 12 के अनुसार वेतन से कटौती सिर्फ उन्हीं मदों में हो सकती है, जो कानून द्वारा तय है, जैसे कि टीडीएस, ईपीएफ, ईएसआई, प्रोफेशनल टैक्स आदि। जीएसटी इस लिस्ट में कहीं नहीं है। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा पीडब्ल्यूडी कर्मचारी संघ रजि. 1235, सदस्य एवं प्रभारी हरियाणा-पंजाब राष्टÑीय राज्य कर्मचारी महासंघ कृष्णलाल गुज्जर ने कहा कि अज्ञानतावश या इस मामले की जानकारी के अभाव के चलते जो अवैध कटौती (वसूली) की गई है, उसको सभी कर्मचारियों को वापिस किया जाए। ताकि कर्मचारियों के खून-पसीने की कमाई का हिस्सा उन तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारियों को उनकी राशि नहीं लौटाई गई तो कर्मचारी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।