मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन से मात्र 30 मिनट में मिलेगी पानी की सटीक रिपोर्ट : एडीसी अर्पित संगल
- एडीसी ने किया मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन का शुभारंभ, मछली पालकों को मिलेगी मौके पर जांच सुविधा

 


सिरसा, 05 मई।
मत्स्य विभाग द्वारा मछली / खारे पानी में सफेद झींगा पालन को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत राज्य के सिरसा, रोहतक व हिसार जिलों के लिए तीन मोबाइल वैन उपलब्ध करवाई गई हैं, जो अब सीधे गांवों में जाकर तालाबों के पानी की जांच करेंगी।


अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय के प्रांगण से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। इससे पहले उन्होंने वैन का निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र भी मौजूद रहै।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि यह पहल मछली पालकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। अब किसानों को पानी की जांच के लिए प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मौके पर ही रिपोर्ट मिल सकेगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा मछली पालन को वैज्ञानिक तरीके से करने में सहायता मिलेगी।


अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने कहा कि मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन के माध्यम से अब तालाबों के पानी की वैज्ञानिक तरीके से व्यापक जांच की जा सकेगी। इस वैन में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से पानी के लगभग 10 महत्वपूर्ण मानकों जैसे पीएच, घुलित ऑक्सीजन, लवणता, क्षारीयता, कुल कठोरता, कैल्शियम, मैग्नीशियम, अमोनिया, नाइट्रेट और नाइट्राइट की मौके पर ही सटीक जांच की जाएगी। इन सभी मानकों का सीधा संबंध मछलियों के स्वास्थ्य और उत्पादन से होता है। उन्होंने कहा कि जांच की पूरी प्रक्रिया तेज और सटीक होगी तथा लगभग 30 मिनट के भीतर किसानों को रिपोर्ट उपलब्ध करवा दी जाएगी। इससे किसान तुरंत यह समझ सकेंगे कि पानी की गुणवत्ता में कौन-सी कमी या अधिकता है और उसी अनुसार वे समय रहते सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे, जिससे उत्पादन में वृद्धि और नुकसान में कमी आएगी।


जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि सिरसा में मत्स्य पालन का बहुत अधिक स्कोप है और यह वैन क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होगी। यह वैन अपने रूट चार्ट के अनुसार जिला के सभी खंडों में जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले किसानों को पानी की जांच के लिए रोहतक या हिसार स्थित प्रयोगशालाओं में जाना पड़ता था, जिससे उन्हें समय और धन दोनों की हानि होती थी। कई बार रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का समय लग जाता था और प्रति सैंपल 100 से 150 रुपये तक खर्च करना पड़ता था। दूरदराज के गांवों के किसानों के लिए यह प्रक्रिया और भी कठिन थी।

अब मोबाइल वैन के माध्यम से यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उनके गांव में ही उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इससे यह आकलन किया जा सकेगा कि तालाब मछली पालन के लिए उपयुक्त है या नहीं, और यदि नहीं है तो उसमें सुधार के क्या उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लघु सचिवालय सिरसा में वाणिज्य भवन स्थित जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।