शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल SIRSA में धूमधाम से मनाया मदर्स डे
Mahendra india news, new delhi
सिरसा शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल में मदर्स डे का भव्य एवं हर्षोल्लास पूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण उत्साह, उमंग और खुशियों से सराबोर नजर आया। विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को भी विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया, जिन्होंने पूरे समारोह का भरपूर आनंद उठाया।
कार्यक्रम के दौरान डांस, पेंटिंग, मॉडलिंग, सिंगिंग तथा स्पीच प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं की माताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डांस प्रतियोगिता में टैग नंबर 6 ने प्रथम, टैग नंबर 1 ने द्वितीय तथा टैग नंबर 8 ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में जानवी-प्रियंका ने प्रथम तथा किरत ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न आकर्षक टाइटल भी प्रदान किए गए। मिस पंजाबी का खिताब टैग नंबर 7, मिस मदर आॅफ द डे टैग नंबर 3, मिस एलिगेंट टैग नंबर 1, मिस ईव टैग नंबर 5, मिस परफेक्शनिस्ट टैग नंबर 15 तथा मिस हाई हील का टाइटल टैग नंबर 6 को दिया गया। सिंगिंग प्रतियोगिता में टैग नंबर 4 तथा स्पीच प्रतियोगिता में टैग नंबर 1 अव्वल रही। कार्यक्रम में मिस मिलाक्षी खुराना, आंजली वर्मा और सरिता अरोड़ा को निर्णायक मंडल के रूप में आमंत्रित किया गया।
उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष निर्णय देकर विजेताओं का चयन किया। समारोह के अंत में विद्यालय की प्राचार्या डॉ. शीला पुनिया इन्सां ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान हॉस्टल के बच्चों ने प्राचार्या डॉ. शीला पूनिया इन्सां के साथ केक काटकर मदर्स डे की खुशियां मनाईं। बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों, संगीत और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। अंत में पूरा विद्यालय तालियों और उल्लास से गूंज उठा।
शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या डा. शीला पूनिया इन्सां ने कहा कि मां अपने बच्चे की पहली गुरु होती है। मां ही बच्चे को जीवन के संस्कार, अनुशासन, प्रेम और त्याग का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने कहा कि जो माताएं अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं, वे वास्तव में समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
डॉ. पुनिया ने कहा कि बच्चे की पहली मुस्कान से लेकर उसके हर संघर्ष तक मां हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है। मां का आशीर्वाद ही बच्चे की सबसे बड़ी शक्ति होता है। एक संस्कारी और सफल समाज की नींव एक सशक्त मां ही रखती है। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने उपस्थित सभी माताओं और बच्चों को भावुक कर दिया।