Motivational speaker Jaya Kishori: अपने बच्चे को गिफ्ट नहीं, वक्तऔर संस्कार चाहिए, जया किशोरी की सीख पैरेंट के लिए बड़ी जरूरी 

 
mahendra india news, new delhi

 मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी समय समय पर बच्चों के संस्कार को लेकर बातें करती रहती है। उनकी हर बात हर पैरेंट को सोचने पर मजबूर करती हैं, अगर बच्चों को बचपन से संस्कार दिए जाएं, तो वो जिंदगी में कभी गलत रास्ता नहीं चुनते

इसी केा लेकर जया किशोरी कहती है कि आज के समय में जब हर मां-बाप अपने बच्चे को सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ाई करवाने, उन्हें सबसे महंगे खिलौने दिलाना और विश्व की हर बेहतरीन सुविधा देना चाहता है, वहीं एक चीज पीछे छूटती जा रही है वह है संस्कार। 


 कई बार अभिभावक यह सोच लेते हैं कि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा, सब स्वयं ही सब सीख जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता. बच्चे वो नहीं बनते जो हम उन्हें सिखाते हैं, बल्कि वो बनते हैं जो वो हमें करते हुए देखते हैं। 

 भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने हाल ही में कॉमेडियन के शो में इसी बात पर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को उपहार नहीं दोगे, तो वो थोड़ी देर रोकर चुप हो जाएगा, लेकिन अगर उसे संस्कार नहीं दिए, तो वो जिंदगी भर रोएगा, यह बात सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि हर अभिभावक के लिए एक गहरी सीख देती है।


 मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी का कहना है कि बच्चों के बचपन में ही जो आदतें और सोच डाली जाती हैं, वही उनकी पूरी जिंदगी का रास्ता तय करती हैं. बच्चे को सिर्फ पढ़ाई और मॉडर्न सोच देना काफी नहीं, उन्हें इंसानियत, करुणा और खुद पर काबू रखना भी सिखाना जरूरी है.


 मोटिवेशनल स्पीकरजया किशोरी कहती हैं कि आने वाले वक्त में कॉम्पिटिशन और स्ट्रेस बहुत बढ़ेगा. ऐसे में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई में नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना जरूरी है. संस्कार बच्चों को सही और गलत की पहचान कराते हैं. जब बच्चा संस्कारी होता है, तो वो किसी भी हालात में शांत दिमाग से सोचता है और सही रास्ता चुनता है.


 मोटिवेशनल स्पीकर किशोरी कहती है कि कई बार माता-पिता सोचते हैं कि अगर बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़ेगा तो वो सफल बन जाएगा, लेकिन जया किशोरी का कहना है कि सफलता और संस्कार साथ चलें, तभी जिंदगी खुशहाल होती है. संस्कार बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, उन्हें दूसरों की इज्जत करना और स्वयं की जिम्मेदारी समझना सिखाते हैं.


मोटिवेशनल स्पीकर जया कहती हैं कि बच्चों को मस्ती करने से मत रोकिए, यह आयु भर खेलकूद और हंसी-खुशी की होती है, अगर हम बचपन में ही उन पर कंट्रोल रखने लगेंगे तो वो खुलकर सोच नहीं पाएंगे. बच्चों से ये पूछना बंद करें कि "आज कितना पढ़ा?" और इसके बजाय पूछें "आज किसी की मदद की?". इससे बच्चे में इंसानियत और मदद करने का भाव आएगा.

 मोटिवेशनल स्पीकर जय किशोरी कहती है कि जब बच्चे कुछ गलत करें तो सिर्फ डांटने के बजाय उनसे बात करें. उन्होंने कहा कि बच्चे को अपनी बात कहने का मौका दें. जब बच्चा महसूस करेगा कि आप उसकी बात सुन रहे हैं, तो वो खुद अपनी गलती समझने लगेगा. हर समय बच्चे के पीछे पड़ने से वो और ज्यादा जिद्दी बन जाता है.

 मोटिवेशनल स्पीकर जया ने कहा कि आजकल बच्चे हर चीज को "गिफ्ट" से जोड़ते हैं – अच्छा परीक्षा परिणाम, नये खिलौना; लेकिन जया किशोरी कहती हैं कि ये असली खुशी नहीं है. असली खुशी तब होती है जब बच्चे को मां-बाप का समय, प्यार और मार्गदर्शन मिले. यही चीज उसे अंदर से मजबूत बनाती है.