सरसों की खली किचन गार्डन के लिए फायदेमंद, उपयोग में आसान और किफायती
सरसों की खली को पशु कम खाना पसंद करते हैं। इसलिए पशुपालक बिनौैला खल खिलाते हैं। सरसों की खली को किसान अब खेती में इस्तेमाल करने लगे हैं। परंपरागत रासायनिक खादों और यूरिया की जगह किसान जैविक विकल्पों को प्राथमिकता देने लगे हैं। सरसों की खली ने एक बेहतरीन जैविक खाद के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
सरसों की खली में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम के साथ कई सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद होते हैं, यह तत्व न केवल धान के पौधे को मजबूत बनाते हैं, बल्कि उसकी जड़ों को गहराई तक पोषण देते हैं। खली के प्रयोग से धान की पत्तियां अधिक हरी, चमकदार और रोगमुक्त बनी रहती हैं.
यह मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने में भी सहायक है. जिससे खेत की गुणवत्ता वर्षों तक बनी रहती है इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, और मिट्टी में जैविक क्रियाओं को भी प्रोत्साहन मिलता है।
किचन गार्डन के लिए भी फायदेमंद
कृषि वैज्ञानिकों डा. सुनील ने बताया कि सरसों की खल खेती में लाभदायक है। इसी के साथ ही घरों में बनाए जाने वाले किचन गार्डन में भी सरसों की खली का उपयोग किया जा सकता है। इसका टमाटर, मिर्च, पालक जैसे पौधों के लिए यह एक उत्तम खाद मानी जाती है. छोटे गमलों में भी सप्ताह में एक बार थोड़ी मात्रा में खली मिलाने से पौधे तेजी से बढ़ते हैं और फल भी अधिक लगते हैं.