सिरसा में करीब 75 लाख की नशीली गोलियां बरामद: बठिंडा से पार्सल में आई थी खेप, पिकअप सवार दो दबोचे
mahendra india news, new delhi
सिरसा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिरसा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 75 लाख रुपए कीमत की 3 लाख 6 हजार नशीली टैपेंटाडोल गोलियां बरामद की हैं। यह खेप पंजाब के बठिंडा से पार्सल के जरिए सिरसा लाई गई थी। पुलिस ने पार्सल से भरी पिकअप गाड़ी को रोककर दो लोगों को काबू किया है। मामले में फर्जी बिल और दस्तावेजों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एसपी दीपक सहारन ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम गश्त के दौरान जगदेव सिंह चौक पर मौजूद थी। इसी दौरान सांगवान चौकी की ओर से पार्सलों से भरी एक पिकअप गाड़ी आती दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपनी पहचान राजपाल पुत्र हंसराज निवासी सिरसा के रूप में बताई, जबकि उसके साथ भरत कुमार उर्फ माईकल निवासी पंडितों की ढाणी, प्रेम नगर सिरसा मिला। पूछताछ में भरत कुमार ने बताया कि बठिंडा की लॉटरी मार्केट में उसकी माईकल पार्सल सर्विस के नाम से दुकान है।
वहां ग्राहक पार्सल जमा कराते हैं, जिन्हें वह पिकअप के माध्यम से सिरसा की एमसी मार्केट स्थित दुकान तक पहुंचाता है। इसके बाद रिक्शों के जरिए पार्सल संबंधित लोगों तक भेजे जाते हैं। पुलिस को पार्सलों पर संदेह होने पर औषधि नियंत्रक विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान 10 बॉक्स खोले गए, जिनमें से 3 लाख 6 हजार टैपेंटाडोल की नशीली गोलियां बरामद हुईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 75 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने गाड़ी चालक से दवाइयों के लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों युवकों को बरामद दवाइयों सहित आगामी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया गया। जांच में एशमुन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बिलों और दवाइयों की पैकिंग में भी कई अनियमितताएं सामने आईं।
शुरुआती जांच में कंपनी के बिल फर्जी पाए गए, जिसके आधार पर थाना शहर सिरसा में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी ने बताया कि एएसपी आदर्शदीप सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने बठिंडा और बाद में चंडीगढ़ में जांच की। जांच में सामने आया कि एशमुन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का रजिस्टर्ड पता चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में है, लेकिन स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि कंपनी करीब तीन महीने पहले ही वहां से कार्यालय खाली कर चुकी है। पुलिस कंपनी की भूमिका को भी संदेह के दायरे में रखकर हर पहलू की गहन जांच कर रही है,मामले का खुलासा करने के लिए सिरसा पुलिस लगातार बठिंडा व चंडीगढ़ में दबिश देकर छापेमारी कर रही है ।
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि जिले में नशा तस्करों और अवैध रूप से नशीली दवाइयों का कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं नशीली गोलियों की बिक्री या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के जहर से बचाने के लिए समाज और पुलिस को मिलकर काम करना होगा। मामले की जांच जारी है और जो भी व्यक्ति इस नेटवर्क से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।