नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 57 लाख की ठगी का किया पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

 

mahendra india news, new delhi

 गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 57 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लक्ष्मण दास पुत्र ज्ञानी राम निवासी दहमन,जिला हिसार के रूप में हुई है।

पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि गांव खाजाखेड़ा रंगड़ी रोड निवासी अनिल पुत्र जय सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी प्रीत नगर बेगू रोड सिरसा निवासी नरेश यादव से पुरानी जान-पहचान थी। करीब डेढ़ से दो वर्ष पहले नरेश यादव ने उसे भरोसा दिलाया कि उसका साला विजेंद्र सिंह ऊंची पहुंच रखता है और यदि किसी योग्य व्यक्ति को सरकारी नौकरी चाहिए तो वह गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवा सकता है।

शिकायतकर्ता ने आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए 15 लाख 47 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से दिए, जबकि 41 लाख 53 हजार रुपये नकद गांव दहमन स्थित आरोपी विजेंद्र सिंह और लक्ष्मण दास के घर पहुंचकर सौंप दिए। लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर जब शिकायतकर्ता को अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से संपर्क किया।

SIRSA SP दीपक सहारन ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर 25 फरवरी 2026 को सदर थाना सिरसा में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस को सौंपी गई है । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नाथूसरी चौपटा थाना प्रभारी ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी लक्ष्मण दास को दहन,हिसार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ठगी गई राशि के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति इस गिरोह से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी के झांसे में न आएं और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना दें। आरोपी को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है और रिमांड अवधी के दौरान पूछताछ कर ठगी की राशि बरामद की जाएगी