नाथूसरी कलां निवासी रामरख ने देहदान व नेत्रदान कर छोड़ी मानवता की मिसाल, नाथूसरी कलां के दूसरे देहदानी बने रामरख
नाथूसरी कलां निवासी रामरख चिंद का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। उनके मरणोपरांत स्वजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत देहदान व ज्योतिदान मुहिम के तहत नेत्रदान कराया। उनका देहदान चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, खेड़ा दरबार नजफगढ़ (नई दिल्ली) में किया गया, जहां मेडिकल विद्यार्थी उनके शरीर से विभिन्न बीमारियों की रोकथाम पर शोध कार्य करेंगे। वहीं उनके नेत्र शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दान किए गए, जो दो नेत्रहीन व्यक्तियों की जिंदगी में रोशनी भरेंगे।
रामरख इन्सां ब्लॉक नाथूसरी चौपटा के दूसरे देहदानी होने का सम्मान प्राप्त कर गए। शनिवार सुबह उनके आवास पर परिजनों व साध संगत द्वारा अरदास की गई। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखकर गांव की मुख्य सड़क तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई।
इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, साध-संगत व ग्रामीणों ने भावभीने नारों जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी रामरख तेरा नाम रहेगा, देहदानी रामरख इन्सां अमर रहें, अमर रहें से वातावरण गुंजायमान कर दिया। मुख्य सड़क से एंबुलेंस को नम आंखों से मेडिकल कॉलेज की ओर रवाना किया गया।
बेटा-बेटी एक समान पवित्र शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए उनकी बेटियों बिमला इन्सां, सपना इन्सां, प्रियंका इन्सां, पुत्रवधू कमलेश इन्सां, रायबीर इन्सां, पुत्र कृष्ण इन्सां व महेंद्र इन्सां सहित पौते-पौतियों के साथ मिलकर अर्थी को कंधा देकर समाज को एक सशक्त संदेश दिया। इस मौके पर ब्लॉक नाथूसरी चौपटा व नाथूसरी कलां की साध-संगत, परिजन व रिश्तेदार मौजूद रहे और भावपूर्ण माहौल में देहदानी रामरख इन्सां को अंतिम विदाई दी।