हरियाणा प्रदेश के शहरों में नई कॉलोनियों होगी विकसित, 50 से लेकर 250 वर्ग मीटर के काटे जा सकेंगे प्लॉट
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के अंदर अब शहरी क्षेत्र में रहने के लिए कोई परेशानी नहीं होगी। प्रदेश के उन शहरी एरिया में नई आवासीय प्लॉटेड कॉलोनियों विकसित की होगी। जहां नियंत्रित क्षेत्र के प्रविधान लागू नहीं होते। जानकारी के अनुसार अवैध कॉलोनी की समस्या से निपटन के लिए प्रदेश सरकार ने नई आवासीय प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए लाइसेंस देने का फैसला लिया है, इनमें 50 वर्ग मीटर से लेकर 250 वर्ग मीटर के प्लॉट काटे जा सकेंगे।
बता दें कि पालिका क्षेत्रों में नियंत्रित क्षेत्र से बाहर न्यूनतम पांच एकड़ क्षेत्र में यह प्लॉटेड कॉलोनियों विकसित की जा सकेंगी। इनमें न्यूनतम 65 फीसद प्लॉट आवासीय होंगे, जबकि वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए अधिकतम पांच प्रतिशत हिस्सा निर्धारित रहेगा।
हरियाणा प्रदेश के मंत्रिमंडल के फैसले को लागू करते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने अधिसूचना जारी कर दी है। नगर निकाय क्षेत्रों में, जहां नियंत्रित क्षेत्र के प्रविधान लागू नहीं हैं, आवासीस्वीकृत योजना के अनुसार आवासीय प्लॉटेड आवास परियोजनाओं के लिए न्यूनतम पांच एकड़ भूमि आवश्यक होगी, जबकि अधिकतम क्षेत्रफल की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
एचयूआइडीबी (हरियाणा शहरी अवसंरचना विकास बोर्ड) के मुख्य प्रशासक को 10 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से स्क्रूटनी शुल्क जमा कराना होगा। इसके अलावा उन्हें लो-पोटेंशियल जोन में आवासीय उपयोग के लिए लागू परिवर्तन शुल्क का 50 फीसद भुगतान करना होगा। इसके साथ ही डेवलपर्स को प्रचलित बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) का 25 फीसद विकास शुल्क के रूप में एचयूआइडीबी को देना होगा। यह दर नगर समितियों और नगर परिषदों दोनों में समान रूप से लागू होगी।