नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सेमनाल व वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों का सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

 
mahendra india news, new delhi 

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को हिसार घग्घर में चल रहे सफाई कार्य व वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों का निरीक्षण किया। वहीं वरूवाली नहर व नोहर नहर फीडर के पास बन रहे लिफ्ट कार्य का भी निरीक्षण किया। गौरतलब है कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सेमग्रस्त क्षेत्र के गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों की किसानों ने जांच की मांग की थी। जिसको लेकर किसानों ने सिरसा के डीसी व सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इनमेें घोटाला किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इसी के साथ ही गणमान्य व्यक्तियों की कमेटी गठित की गई है।

सफाई कार्य का किया निरीक्षण 
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार माथुर, एसडीओ रूबिन सिंह व जेई धीरज कुमार ने बुधवार को गांव जोगीवाला, चाहरवाला, शाहपुरिया, शक्करमंदोरी, नाथूसरी कलां,ख् दड़बा कलां, रूपाना खुर्द, मानकदिवान, गुडिया खेड़ा समेत कई गांवों से गुजर रहे सेमनाल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सेमनाल की सफाई मानसून बरसात से पहले कार्रवाई जा रही है। जिससे कोई दिक्कत न आए। सफाई कार्य के लिए 4 पोपलेन मशीन लगाई गई है। अधिकारियों ने वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों को जल्द शुरू करवाने का आश्वासन दिया। 


किसान नेता प्रकाश मेमरा, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, मुकेश कुमार बैनीवाल, बलराम सहारण, दीवान सहारण, कृष्ण पुनियां,  रोहताश कुमार व संदीप कुमार ने बताया कि शक्करमंदोरी गांव में पिछले दिनों महापंचायत बुलाई थी। इस महापंचायत का मुख्ख्ख्ख्य मुद्दा सेमग्रस्त एरिया में बंद पड़े ट्यूबवेलों का था। इनको लगाते समय ठेकेदार और एआई ने बहुत बड़ा घोटाला किया गया है। इस महापंचायत में सहायक भूमि संरक्षण विभाग सिरसा के भ्रष्ट कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई थी। क्योंकि क्षेत्र में लगाए गये सभी ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट में करोडों रुपये का बजट खर्च हुआ है। इसकी गहनता से जांच करवाई जाए।