हरियाणा में बुजुर्ग व्यक्तियों की नहीं रूकेगी बुढ़ापा पेंशन, हरियाणा सरकार ने बुजुर्गों को दी बड़ी राहत, दस्तावेज नहीं होने पर भी मिलेगी पेंशन
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश की नायब सरकार ने बुजुर्ग व्यक्तियों की पेंशन नहीं रूकने का फैसला लिया है। प्रदेश में परिवार पहचान पत्र (PPP) में जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद हजारों बुजुर्गों में यह चिंता पैदा हो गई थी कि यदि उनके पास आयु साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं हुए तो उनकी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन बंद हो सकती है।
हरियाणा की नाबय सरकार ने अब इस चिंता को दूर करने की दिशा में मोटा कदम उठाया है। सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देश पर ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिससे किसी भी पात्र बुजुर्ग की पेंशन केवल दस्तावेजों के अभाव में नहीं रुकेगी। हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों की जन्मतिथि का सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें पहले की तरह रेगूलर रूप से पेंशन मिलती रहेगी।
बता दें कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन बुजुर्गों की थी, जिनका जन्म कई दशक पहले हुआ था और जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी रिकार्ड उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों की संख्या काफी अधिक है। इसे देखते हुए सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए नई व्यवस्था पर काम शुरू किया है।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी बुजुर्ग के पास जन्मतिथि सत्यापित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो परिवार पहचान पत्र में दर्ज उसके सबसे बड़े बेटे या बेटी के जन्म संबंधी रिकार्ड के आधार पर बुजुर्ग की आयु का सत्यापन किया जा सकेगा।
परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के कार्डिनेटर डा. सतीश खोला ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए जरूरी होगा कि बड़ी संतान का नाम परिवार पहचान पत्र में दर्ज हो तथा उसकी जन्मतिथि पहले से सत्यापित हो। इस व्यवस्था से हजारों ऐसे लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल दस्तावेजों की कमी के कारण परेशान थे।