हरियाणा में अतिरिक्त धान की पैदावार की खरीद 48 घंटे में होगी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के निर्देश
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हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी किसान के खेत में निर्धारित औसत से अधिक धान की पैदावार हुई है तो उसकी अतिरिक्त उपज की खरीद को लेकर किसान परेशान न हों। ऐसे किसान अपनी अधिक पैदावार का विवरण संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव को लिखित रूप में दें। किसान के आग्रह पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को औसत से अधिक उत्पादन होने की स्थिति में फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
कृषि मंत्री रविवार को सिरसा जिले की डबवाली, कालांवाली, रानियां और सिरसा अनाज मंडियों का दौरा कर खरीफ सीजन की फसल खरीद व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर धान खरीद, फसल के उठान, भुगतान, बारदाने, खाद तथा मंडियों में उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।
खरीद के साथ उठान और भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री श्री राणा ने कहा कि धान में निर्धारित 17 प्रतिशत तक नमी होने पर नियमानुसार खरीद की जा रही है। जे-फार्म कटने के बाद किसानों को उनकी फसल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद के बाद फसल का उठान समय पर करवाया जाए तथा बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मंडियों से फसल का जल्द उठान होने से किसानों को भुगतान भी समय पर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों और आढ़तियों के लिए साफ-सफाई, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त होनी चाहिए। खरीद प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड भी दुरुस्त रखा जाए तथा किसानों की शिकायतों और समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
मंडियों में जगह की समस्या नहीं आने देंगे
कृषि मंत्री ने कहा कि जिन मंडियों में फसल रखने के लिए जगह की समस्या सामने आ रही है, वहां अतिरिक्त स्थान उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। जहां से इस संबंध में आवेदन प्राप्त हुए हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों और आढ़तियों के सामने फसल रखने के लिए जगह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में उपलब्ध स्थान का बेहतर प्रबंधन करते हुए खरीद और उठान की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाए। सिरसा, कालांवाली और रानियां अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन ने कृषि मंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। कृषि मंत्री ने आढ़तियों को उनकी मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खाद की किल्लत नहीं रहने देंगे
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की किल्लत नहीं रहने दी जाएगी। पोर्टल पर पंजीकृत जमीन के अनुसार खाद उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिरसा जिले में भी खाद उपलब्ध करवाया गया है और किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने के प्रयास
उन्होंने डबवाली में किसानों से बातचीत में कहा कि किसानों के लिए सिंचाई के पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। किसानों को समुचित मात्रा में सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंडियों के दौरे और खरीद व्यवस्था की निगरानी के लिए मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई हैं, ताकि किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया जा सके। डबवाली में मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश जग्गा ने मंडी के बी ब्लॉक में जलभराव की समस्या रखी, जिस पर जल्द समाधान के निर्देश दिए गए। रानियां मंडी के दौरे के दौरान किसानों और आढ़तियों ने जलभराव की समस्या भी कृषि मंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश देते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
धान की जगह कपास की खेती पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार धान की जगह अन्य फसलों की बिजाई को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि धान की खेती छोडक़र कपास की खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य धान का क्षेत्रफल कम करने के साथ किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है।
कालांवाली में किसानों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूजल खारा है और सिंचाई के लिए नहरी पानी की आवश्यकता रहती है, वहां नहरी पानी और ट्यूबवेल के पानी को मिलाकर सिंचाई की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
किसानों और आढ़तियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन
डबवाली, कालांवाली, रानियां और सिरसा मंडी के दौरे के दौरान किसानों और आढ़तियों ने कृषि मंत्री के समक्ष विभिन्न समस्याएं रखीं। कृषि मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए और कहा कि खरीद सीजन के दौरान किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसान की फसल की सुचारू खरीद, समय पर उठान और भुगतान सुनिश्चित करना है।
ये रहे मौजूद
कृषि मंत्री के दौरे के दौरान एसडीएम डबवाली योगेश दिलहोर, एसडीएम ऐलनाबाद अदिति सिंघानिया, एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम कालांवाली मोहित कुमार, डीएसपी योगेश कटारिया, डीएसपी ललित कुमार, उप निदेशक कृषि विनोद फोगाट, डीएफएससी हरवीर, तहसीलदार रानियां शुभम शर्मा, डीएमईओ राहुल कुंड्डु, जिलाध्यक्ष भाजपा सिरसा यतीन्द्र सिंह एडवोकेट, डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा, गौसेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र कंबोज, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मार्केट कमेटी डबवाली के चेयरमैन सतीश जग्गा, वाइस चेयरमैन अमीलाल पारीक, विजय वधवा, राजप्रीत सिंह मांगेआना, विजयंत शर्मा, राजेंद्र देसूजोधा, बलवान जांगड़ा, मार्केट कमेटी कालांवाली चेयरमैन सतपाल शर्मा, वाइस चेयरमैन मोहनलाल जिंदल, लवली गर्ग, प्रदीप जैन, सुरेश सिंगला, राज कुमार जिदल, मार्केट कमेटी रानियां के चेयरमैन ललित पोपली, स्वर्ण सिंह अभोली, महेश फुटेला, बिमला सिंवर, अंबर मेहता, आढतिया एसोसिएशन सिरसा के प्रधान प्रेम बजाज, मार्केट कमेटी सिरसा के चेयरमैन इंद्रपाल जांगड़ा मौजूद रहे।