उच्च शिक्षा में एलएमएस की भूमिका पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित

 

Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल   यूनिवर्सिटी यू आई टी डी सेंटर  द्वारा बुधवार को  को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। इस सेमिनार का आयोजन निदेशक यूआईटीडीसी प्रो. विक्रम सिंह के नेतृत्व में किया गया।


कार्यक्रम के संरक्षक एवं मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार रहे। मुख्य वक्ता के रूप में एस.डी. कॉलेज, अंबाला कैंट के प्राध्यापक डॉ. गिरधर गोपाल ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक प्रो. विक्रम सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में एलएमएस शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाने का सशक्त माध्यम है।


मुख्य वक्ता डॉ. गिरधर गोपाल ने एलएमएस की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए तकनीकी एकीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एलएमएस के माध्यम से शिक्षण सामग्री का व्यवस्थित प्रबंधन, असाइनमेंट की ऑनलाइन सबमिशन, विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण तथा फीडबैक प्रणाली को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली शिक्षण प्रक्रिया को अधिक सहभागितापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाती है।


मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि एलएमएस न केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद को सुदृढ़ करता है, बल्कि अध्ययन सामग्री की उपलब्धता, ऑनलाइन मूल्यांकन और सतत् अधिगम की प्रक्रिया को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।


सेमिनार के दोनों सत्रों में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा एलएमएस के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई।इस अवसर पर यूआईटीडीसी की सिस्टम मैनेजर डॉ. सरोज मेहता एवं जूनियर प्रोग्रामर श्री गुलशन मेहता सहित अन्य संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।