नई कंपनी हरियाणा एग्री डिस्कॉम व स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध:ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन ने बिजली मंत्री को भेजा पत्र

 

mahendra india news, new delhi
आॅल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन की ओर से बिजली मंत्री अनिल विज को एक पत्र भेजकर बिजली विभाग में नई कंपनी हरियाणा एग्री डिस्कोम बनाने व स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में एक पत्र भेजा गया है। पत्र की कॉपी मुख्य सचिव हरियाणा सरकार चंडीगढ़, अतिरिक्त मुख्य सचिव (बिजली विभाग) हरियाणा सरकार पंचकूला, प्रबंध निदेशक हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम पंचकूला, प्रबंध निदेशक हरियाणा ऊर्जा उत्पादन निगम पंचकूला, प्रबंध निदेशक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम पंचकूला, प्रबंध निदेशक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हिसार,   यूनियन के राज्य प्रेस सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि बिजली का विभाग एक जन- सेवा का विभाग है।

पहले जब हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड को तोड़ा गया था तो यह कहा गया था कि निगम बनने से बिजली की व्यवस्थाओं में ज्यादा सुधार होगा और विभाग को राजस्व का लाभ व कर्मचारियों और उपभोक्ताओं भी फायदा होगा, लेकिन इस के उल्ट सुधार होने की बजाय विभागीय घाटा बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालातों में अब हरियाणा सरकार के द्वारा एक नई कंपनी हरियाणा एग्रो डिस्काम बनाने की नोटिफिकेशन जारी की गई है।

जबकि हरियाणा में किसानों के कृषि फीडर पहले से ही अलग हैं। इसलिए इस एग्री डिस्कोम की कोई आवश्यकता नहीं है। इस डिसकोम को बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में करोड़ों रुपए का खर्च होगा। हरियाणा एग्रो डिस्काम को 5427 करोड़ रुपए की देनदारी के साथ शुरू किया जा रहा है। यूनियन को आशंका है कि हरियाणा एग्रो डिस्काम के नाम पर पहले वाली डिस्काम कंपनियों को प्राइवेट किया जाएगा और फिर इस एग्रो डिस्काम को घाटे में बताकर निजी हाथों में दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बिजली निगमों में पहले से लगे अच्छी क्वालिटी के मीटरों को उतार कर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

जिसके कारण पहले से ही घाटे में चल रहे निगमों को और कई करोड़ों रुपए के घाटे की तरफ धकेला जा रहा है। गुड़गांव तथा नूंह जिले में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को डीएचबीवीएन के समांतर बिजली वितरण का लाइसेंस देने की प्रक्रिया विभाग द्वारा शुरू की हुई है। अत: यूनियन आपसे अनुरोध करती है कि हरियाणा एग्रो डिस्कॉम कंपनी बनाने, स्मार्ट मीटर लगाने व बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।

अन्यथा यूनियन आने वाली 16 जून को प्रदेश की सभी सब डिवीजनों में काले बिल्ले लगाकर और हरियाणा एग्रो डिस्काम की नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करेगी। अगर इसके बाद भी सरकार ने यूनियन और किसानों से बात करके हरियाणा एग्रो डिस्काम बनाने, स्मार्ट मीटर और समानांतर लाइसेंस देने का कार्य रद्द नहीं किया तो आने वाले दिनों में हमारी यूनियन तमाम किसान संगठनों और जन संगठनों को साथ लेकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी, हमारी नहीं होगी ।