पैक्स कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, चेतावनी, जल्द मांगों पर नहीं हुई सुनवाई तो होगा आंदोलन

PACS employees staged a protest over pending demands, warning of an agitation if their demands are not addressed soon
 

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सिरसा दि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) कर्मचारी महासंघ हरियाणा ने अपनी मांगों को लेकर समिति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और सहकारिता मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासचिव भगवंत शर्मा ने बताया कि सरकार ने पैक्स कर्मचारियों के वेतन में खामी को देखते हुए वेतन के अवलोकन के लिए विभागीय कमेटी का गठन 2018 में किया। कमेटी द्वारा वेतन का अवलोकन कर 2019 में रिपोर्ट विभाग व सरकार को सौंप दी गई। शासन व प्रशासन के विभागीय अधिकारियों के द्वारा वेतन खामी रिपोर्ट का गहराई से अवलोकन किया।

 

 

इन अधिकारियों के अवलोकन के बाद पैक्स कर्मचारियों के वेतन में खामी को मानते हुए मुख्यमंत्री द्वारा 2019 को घोषणा की गई, लेकिन 2019 की घोषणा के आदेश जारी करवाने के विभाग व सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने व घोषणा को याद दिलाने के लिए 2019, 2020, 2021, 2022, 2023 इन 5 वर्षों में पैक्स कर्मचारी महासंघ हरियाणा द्वारा मुख्यमंत्री आवास करनाल व चंडीगढ़ आवास प्रदर्शन व सहकारिता मंत्री आवास रोहतक व बावल (रेवाड़ी) प्रदर्शन व रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पंचकूला के प्रदर्शन व बहिष्कार किया गया। इन सभी धरने प्रदर्शन के बाद कई विभागीय मंत्री व मुख्यमंत्री के सलाहकार व अतिरिक्त सचिव विभाग व रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पंचकूला के साथ कई दौर की बैठकें हुई। इसके अलावा 13-05-2023 को वेतनमान खामी को लेकर मुख्यमंत्री के साथ वर डेरा जगमालवाली (सिरसा) में हुई बैठक में भी आदेश जारी होने की सहमति हुई, लेकिन घोषणा के 6 वर्ष बाद भी वेतनमान के आदेश लंबित हैं।

इस घोषणा के बाद लगभग 70 प्रतिशत पैक्स कर्मचारी सेवानिवृत हो चुके हैं, बाकि बचे कर्मचारी हर महीने 70-80 कर्मचारी सेवानिवृत हो रहे हैं। वेतनमान की मांग को लेकर घोषणा कर सरकार द्वारा अनगिनत बार लड्डू बंटवाकर पैक्स कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया किया गया व वर्तमान सरकार तीसरे चरण में प्रवेश के बाद भी महासंघ द्वारा बार-बार रजिस्ट्रार आॅफिस मुख्यमंत्री से निजी रूप से सम्पर्क कर मांगपत्र सौंपा गया। कोई कारवाई नहीं की गई। सहकारिता मंत्री के आॅफिस में मांग पत्र देकर मिलने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई कारवाई नहीं व बार-बार आश्वासन के बाद कर्मचारियों के भारी रोष को देखते हुए सहकारिता मंत्री आवास घेराव गोहाना का कड़ा व बड़ा लगभग सभी कर्मचारी सेवानिवृति के नजदीक हंै।

इन सभी मांग व मुद्दों को लेकर पैक्स कर्मचारी महासंघ हरियाणा द्वारा मार्च 2026 तक वेतनमान खामी व पदोनत्ति बिना शर्त आदेश जारी करने बारे सहमति हुई थी, लेकिन आदेश जारी करना दूर की प्रदर्शन के लिए जाना पड़ा। महासंघ ने फैसला लिया है की जब तक सरकार व विभाग से हुई सहमति के आदेश जारी नहीं होते, तब तक एचआरएमएस पोर्टल के जरिए पैक्स कर्मचारी कोई डाटा नहीं देंगे व सहकारिता मंत्री आवास घेराव जो धरना कुछ समय के स्थगित किया था, जिसे फिर से शुरू किया जाएगा। तीसरे चरण में मांग मुद्दे हल न होने पर 22 व 23 जून 2026 को पेक्सों में 2 दिन का वर्क सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। इसके बाद भी मांग मुद्दों का हल न होने पर चौथी कड़ी में सहकारिता मंत्री आवास गोहाना (सोनीपत) पर 3 जुलाई 2026 समय 11:00 बजे प्रदर्शन होगा। इस मौके पर जिला महासचिव भजनलाल, कोषाध्यक्ष वेद मेहता, लाभ सिंह, तरसेम लाल, कृष्ण कंबोज नटार, मुख्तयार सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।


ये है कर्मचारियों की मांगें:
मुख्यमंत्री घोषणा 2019 वेतनमान खामी व विभागीय कमेटी रिपोर्ट आदेश जारी हो, जोकि सरकार से मनोनीत है, केवल पैक्स कर्मचारियों के मांग को बार-बार फिर से मामला दोबारा सरकार को घुमाकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि सहकारिता के दूसरे विभाग के वेतन के मामलों को रजिस्टार आॅफिस द्वारा बड़ी आसानी से कर दिया जाता है। इस विभाग में पैक्स कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है उदाहरण के रूप में बिना कारण पदोनत्ति बंद कर दिया जाना। किसानों की अल्पकालीन कृषि ऋण 3 लाख की लिमिट का ऋण वितरण किया जावे व नये सदस्यों को ऋण वितरण हदकर्जे पिछले 11 वर्ष से बंद बनाये जाए। लगभग ऋणी सदस्य उम्रदराज हो चुके हैं, नाबार्ड द्वारा किसानों को कृषि ऋण देने के लिए हरको बैंक को दिए सैकड़ों करोड़ रुपए, लेकिन हरको बैंक द्वारा दिए गए कृषि ऋण का पैसा किसानों को न देकर उस पैसे को भी गोलमाल किया गया।

इस कृषि ऋण के पैसे की जांच की जाए। पदोन्ति का कोटा 50 प्रतिशत बिना शर्त जारी हो, पैक्स में जिला सहकारी बैंकों की लूटमारी, नियमों से अधिक ब्याज, सचिव वेतन फंड जो गलत डाला गया वापसी के माननीय न्यायालय के आदेश होने के बाद भी आज तक पैक्सों को पैसा वापस नहीं किया गया।  भारत सरकार व हरियाणा सरकार की तरफ बकाया खड़ा 4 प्रतिशत व 3 प्रतिशत अनुदान राशि पिछले 4 फसल की बकाया व 2019-2022 की एकमुस्त ब्याज माफी का पैसा सरकार की तरफ सैकड़ों करोड़ बकाया उसका पूरा वजन अकेले पैक्स वहन कर रहे हैं, जबकि जिला सहकारी बैंक व राज्य सहकारी बैंक पूरा ब्याज वसूल रहे, इस बारे ध्यान दिया जाए। ब्याज माफी सीधा किसान के खातों में डाली जाए। पैक्स को पैक्स के आॅफिस स्तर पर आॅनलाइन किया जाए। पैक्स में पुराने गबन 1978-2005 तक जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों द्वारा किये गए, वह गबन की राशि पैक्स को ब्याज सहित लौटाई जाए सहित अनेक मांगों को तुरंत पूरा किया जाए।