श्री गुरदेव चैरिटेबल ट्रस्ट संतनगर के प्रतिभागियों ने धर्मशाला में रचा इतिहास
11 गोल्ड, एक सिल्वर व एक ब्रांज सहित 13 पदकों पर किया कब्जा

 

mahendra india news, new delhi
सिरसा। संयुक्त भारतीय खेल फाऊंडेशन द्वारा धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 5 से 7 जून तक आयोजित 14वीं नैशनल गेम्ज-2026 में श्री गुरदेव चैरिटेबल ट्रस्ट संतनगर के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। ट्रस्ट के सदस्य जतिंद्र सिंह ढिल्लों व कशमीरा सिंह खंब ने संयुक्त रूप से बताया कि इस प्रतियोगिता में मनमीत कौर ने 'गोल्डन हैट्रिक (अंडर-17, सिंगल्स, डबल्स, मिक्स्ड डबल्स), गुरशब्द सिंह 2 गोल्ड (अंडर-17 सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स), परनीत कौर गोल्ड मेडल (अंडर-17 गर्ल्स डबल्स), ऐशविंदर सिंह गोल्ड मेडल (अंडर-9) और ब्रॉन्ज मेडल (वल्ल्अंडर-11), अमरजीत सिंह गोल्ड मेडल (अंडर-11), जानवी गोल्ड मेडल (अंडर-7), हरगुन कौर गोल्ड मेडल (अंडर-11), सहजदीप कौर सिल्वर मेडल (अंडर-11), समर सिंह गोल्ड मेडल (अंडर-13) हासिल करते हुए राष्टÑीय स्तर पर गांव संतनगर के साथ-साथ अभिभावकों का भी नाम रोशन किया।

सभी पदक विजेताओं को अध्यक्ष हरपिंदर सिंह कूका और दोनों कोच हरप्रीत सिंह व मेहरचंद ने बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। अध्यक्ष हरपिंद्र कूका ने बताया कि श्री गुरदेव चैरिटेबल ट्रस्ट, संतनगर की ओर से युवाओं को राष्टÑीय स्तर के बैडमिंटन कोर्ट उपलब्ध करवाए गए हैं, जहां युवाआें को अनुभवी कोचिज द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य युवाओं का ध्यान नशे से हटाकर खेलों की ओर बढ़ाना था, जोकि सार्थक हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी यहां से प्रतिभागी राष्टÑीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का हुनर दिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की मेहनत को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि आने वाले समय में ये बच्चे ओलंपिक गेम्ज में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे।
खिलाड़ियों की हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार हूं: हरप्रीत सिंह नागरा


इंटरनैशनल हॉकी प्लेयर हरप्रीत सिंह नागरा, जोकि कनाडा में रह रहे हैं, उन्होंने सभी बच्चों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और 1 महीने के लिए बादाम की शरदाई के लिए राशि भेंट की।  इससे पहले भी हरप्रीत सिंह नागरा समय-समय पर बच्चों की मदद करते रहे हैं और उन्होंने ट्रस्ट को आश्वस्त किया कि वे बच्चों की हर संभव मदद के लिए सदैव तैयार रहेंगे।