Paternity Benefit Scheme: पंजीकृत श्रमिकों को दी जा रही 21 हजार की आर्थिक मदद, तीन बेटियों तक दिया जा रहा पितृत्व लाभ
श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितार्थ अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी श्रंखला में पंजीकृत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके परिवार की सहायता के लिए 'पितृत्व लाभ योजना' संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रमिक के घर में बच्चे के जन्म के समय होने वाले खर्चों में आर्थिक मदद पहुंचाना है। योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक को कुल 21,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है, जिसे 2 भागों में बांटा गया है। इसमें 15,000 रुपये मुख्य पितृत्व लाभ के रूप में और 6,000 रुपये श्रमिक की पत्नी के लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था हेतु दिए जाते हैं।
योजना का लाभ उठाने के लिए नियम और शर्तें
इच्छुक श्रमिक को लाभ प्राप्त करने के लिए 'क्लेम फॉर्म 11' भरना अनिवार्य है और इसके साथ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है। यह लाभ श्रमिक को केवल दो बच्चों तक ही दिया जाता है। यदि किसी श्रमिक के घर तीन लड़कियों का जन्म होता है, तो बच्चों के क्रम को न देखते हुए तीनों लड़कियों के जन्म पर यह लाभ दिया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण जरूरी
हरियाणा में कामगारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। विशेष रूप से निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है, तभी वे विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। श्रम विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाओं से जोड़ना है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।
योजना की एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि यदि श्रमिक की पत्नी किसी भी अन्य सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम से मातृत्व लाभ प्राप्त कर रही है, तो ऐसी स्थिति में पति को यह पितृत्व लाभ नहीं मिलेगा। यह योजना श्रमिक परिवारों को बच्चे के जन्म के समय आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
- कुलदीप सिंह एएलसी