चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु फर्जी हेली बुकिंग सेवाओं से सावधान रहें, अन्यथा ठगी के शिकार हो सकते हैं : एसपी दीपक सहारन
Updated: Apr 17, 2026, 13:26 IST
mahendra india news, new delhi
19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे हेली सेवा, होटल बुकिंग या अन्य किसी भी प्रकार की यात्रा संबंधी बुकिंग करते समय केवल अधिकृत और सरकारी वेबसाइटों का ही उपयोग करें। एसपी दीपक सहारन ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। अब चारधाम यात्रा के नाम पर भी ऑनलाइन ठगी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा उन यात्रियों के लिए है जो पैदल यात्रा नहीं कर सकते, जिससे वे आसानी से गंतव्य तक पहुंच सकें। यह सेवा विभिन्न बेस कैंपों से संचालित होती है। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्व फर्जी बुकिंग के जरिए लोगों को ठग रहे हैं, इसलिए जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है।उत्तराखंड पुलिस द्वारा हरियाणा पुलिस को भेजे गए एक पत्र में भी इस प्रकार की फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक करने का आग्रह किया गया है।जानकारी के अनुसार इस वर्ष हरियाणा से लगभग 36735 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
जैसे ही यात्रा का शुभारंभ होता है, ठग सक्रिय हो जाते हैं और फर्जी वेबसाइटों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ये शातिर ठग सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते नाम वाली नकली साइट तैयार कर लेते हैं, जिससे आमजन भ्रमित हो जाते हैं।विशेष रूप से हेलीकॉप्टर सेवा (हेली टैक्सी) के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ठग कम कीमत में हेली सेवा उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों को आकर्षित करते हैं और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवा लेते हैं। इसी प्रकार सस्ते होटल बुकिंग ऑफर भी साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगने का एक माध्यम बन चुके हैं।
पुलिस ने सिरसा से जाने वाली श्रद्धालुओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के आकर्षक और अविश्वसनीय ऑफर से सतर्क रहें। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों, लिंक या अनजान नंबरों के माध्यम से बुकिंग करने से बचें। केवल उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक वेबसाइट पर ही पंजीकरण और बुकिंग सुनिश्चित करें।उत्तराखंड पुलिस द्वारा ऐसी कई फर्जी वेबसाइटों, बैंक खातों, व्हाट्सएप नंबरों और मोबाइल नंबरों को चिन्हित कर बंद भी कराया गया है।
इसके बावजूद नए-नए माध्यमों से ठगी के प्रयास जारी हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।पुलिस ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज से सतर्क रहें और यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु हेलीकॉप्टर बुकिंग करते समय विशेष सतर्कता बरतें। ठगी से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही टिकट बुक करें और सोशल मीडिया या अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं । सभी श्रद्धालु सुरक्षित और जागरूक रहकर अपनी यात्रा को सफल बनाएं।
19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे हेली सेवा, होटल बुकिंग या अन्य किसी भी प्रकार की यात्रा संबंधी बुकिंग करते समय केवल अधिकृत और सरकारी वेबसाइटों का ही उपयोग करें। एसपी दीपक सहारन ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। अब चारधाम यात्रा के नाम पर भी ऑनलाइन ठगी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
एसपी दीपक सहारन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा उन यात्रियों के लिए है जो पैदल यात्रा नहीं कर सकते, जिससे वे आसानी से गंतव्य तक पहुंच सकें। यह सेवा विभिन्न बेस कैंपों से संचालित होती है। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्व फर्जी बुकिंग के जरिए लोगों को ठग रहे हैं, इसलिए जागरूकता और सावधानी बेहद जरूरी है।उत्तराखंड पुलिस द्वारा हरियाणा पुलिस को भेजे गए एक पत्र में भी इस प्रकार की फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक करने का आग्रह किया गया है।जानकारी के अनुसार इस वर्ष हरियाणा से लगभग 36735 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
जैसे ही यात्रा का शुभारंभ होता है, ठग सक्रिय हो जाते हैं और फर्जी वेबसाइटों तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ये शातिर ठग सरकारी वेबसाइटों से मिलते-जुलते नाम वाली नकली साइट तैयार कर लेते हैं, जिससे आमजन भ्रमित हो जाते हैं।विशेष रूप से हेलीकॉप्टर सेवा (हेली टैक्सी) के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ठग कम कीमत में हेली सेवा उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों को आकर्षित करते हैं और उनसे ऑनलाइन भुगतान करवा लेते हैं। इसी प्रकार सस्ते होटल बुकिंग ऑफर भी साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगने का एक माध्यम बन चुके हैं।
पुलिस ने सिरसा से जाने वाली श्रद्धालुओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के आकर्षक और अविश्वसनीय ऑफर से सतर्क रहें। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों, लिंक या अनजान नंबरों के माध्यम से बुकिंग करने से बचें। केवल उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक वेबसाइट पर ही पंजीकरण और बुकिंग सुनिश्चित करें।उत्तराखंड पुलिस द्वारा ऐसी कई फर्जी वेबसाइटों, बैंक खातों, व्हाट्सएप नंबरों और मोबाइल नंबरों को चिन्हित कर बंद भी कराया गया है।
इसके बावजूद नए-नए माध्यमों से ठगी के प्रयास जारी हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।पुलिस ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज से सतर्क रहें और यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु हेलीकॉप्टर बुकिंग करते समय विशेष सतर्कता बरतें। ठगी से बचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही टिकट बुक करें और सोशल मीडिया या अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं । सभी श्रद्धालु सुरक्षित और जागरूक रहकर अपनी यात्रा को सफल बनाएं।