प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम : स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म उद्योग लगाएं, सब्सिडी आधारित ऋण भी पाएं

 

Mahendra india news, new delhi
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की एक प्रमुख ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना कर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस योजना के माध्यम से युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।


पीएमईजीपी योजना का संचालन जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र (DMC), खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) के माध्यम से किया जाता है। योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिक उठा सकते हैं, बशर्ते परियोजना नई होनी चाहिए और उस पर पहले से किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी प्राप्त न की गई हो।


इस योजना के अंतर्गत व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, समितियां, सहकारी समितियां तथा धर्मार्थ ट्रस्ट पात्र माने गए हैं। शैक्षिक योग्यता की बात करें तो लघु परियोजनाओं, जिनमें विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक और सेवा या व्यवसाय क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक की परियोजनाएं शामिल हैं, उनके लिए न्यूनतम शिक्षा की कोई बाध्यता नहीं है। वहीं, इनसे अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं के लिए कम से कम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।


PMEGP योजना के तहत आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो, जाति या समुदाय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), शैक्षिक, कौशल या ईडीपी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), लागत अनुमान सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा पता प्रमाण जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।


इच्छुक लाभार्थी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के ई-पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट  https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाकर पूरी प्रक्रिया की जा सकती है। यह योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


MSME के उप निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लाभार्थियों को क्षेत्र और वर्ग के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग को 15 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक एवं दिव्यांग वर्ग के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो परियोजना लागत के अनुसार निर्धारित होती है।


SIRSA जिले में PMEGP योजना की वित्त वर्ष 2025-26 की प्रगति की बात करें तो अब तक कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21 आवेदनों को विभाग द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है। बैंकों द्वारा 8 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है, जबकि 12 आवेदन अभी बैंक स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। संभावना है कि आने वाले समय में स्वीकृत आवेदनों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे जिले में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।