28 अक्टूबर को सिरसा में गरजेंगे प्राथमिक शिक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर देंगे धरना

 

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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा (संबंधित अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ), जिला सिरसा ने प्राथमिक शिक्षकों की लंबित मांगों पर बार-बार मांगपत्र सौंपने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने घोषणा की है कि इन मांगों के समाधान की मांग को लेकर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सिरसा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

जिला प्रधान विजय शर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा दिनांक 09 जुलाई 2026 तथा 24 अगस्त 2026 को प्राथमिक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को मांगपत्र सौंपे गए थे। इसके बाद 10 सितंबर 2026 एवं 17 सितम्बर 2026 को भी पत्र के माध्यम से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। इसके बावजूद आज तक मांगों के समाधान की दिशा में कोई संतोषजनक प्रगति सामने नहीं आई है। जिला प्रधान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य शिक्षकों की जायज समस्याओं का समाधान करवाना है, लेकिन कई बार मांगपत्र सौंपने और पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना शिक्षकों में निराशा और असंतोष पैदा कर रहा है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को संबंधित अधिकारी से बातचीत के दौरान भी मांगों के समाधान को लेकर कोई स्पष्ट एवं संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। संगठन का आरोप है कि बातचीत से समस्याओं के शीघ्र समाधान के बजाय टालमटोल की स्थिति महसूस हुई। साथ ही संगठन द्वारा उनकी नीयत पर सवाल उठाए जाने पर संगठन को बरगलाने की कोशिश भी की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि 28 अक्टूबर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर विभाग का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा एवं रोष स्वरूप धरना प्रदर्शन करके अपनी आवाज बुलंद की जाएगी।


राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जिला सिरसा ने जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों से धरना-प्रदर्शन में भाग लेकर एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों की जायज समस्याओं का शीघ्र समाधान कर उन्हें अनावश्यक कार्यालयी चक्करों से राहत प्रदान की जाए।

ये है प्रमुख मांगें:
संगठन की प्रमुख मांगों में वर्ष 2019 में दिव्यांग कोटे से एचटी पद पर पदोन्नत शिक्षकों के वेतन निर्धारण में विसंगति दूर करना। मुख्य शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए नए केस मंगवाना। नॉशनल बेनिफिट प्राप्त शिक्षकों की एसीपी स्वीकृत करना। 10+2 में 45 प्रतिशत से अधिक अंक वाले शिक्षकों को एसीपी का लाभ देना। अंक सुधार के बाद एसीपी प्रदान करना, एचटेट की बाध्यता निरस्त की जाए, 11 वर्षों से लंबित  तबादले किए जाएं आदि शामिल हैं।