प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना:बेकरी, पापड़, अचार या डेयरी उत्पाद का करना है कारोबार तो पीएमएफएमई योजना बनेगी मददगार

 
mahendra inda news, new delhi

भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिसके माध्यम से छोटे खाद्य उद्यमियों को वित्तीय, तकनीकी तथा विपणन से जुड़ी सहायता प्रदान की जा रही है।

योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों, चाहे वे नए उद्यमी हों या पहले से संचालित सूक्ष्म खाद्य इकाइयाँ, को क्रेडिट लिंक्ड पूंजी अनुदान के रूप में परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन सुविधाओं से भी जोड़ा जाता है।

*एसएचजी सदस्य को भी 40 हजार तक की सहायता*

स्वयं-सहायता समूहों को इस योजना के तहत प्रति सदस्य 40,000 रुपये तक का सीड कैपिटल उपलब्ध कराया जाता है, जिसका उपयोग कार्यशील पूंजी, कच्चे माल तथा छोटे उपकरणों की खरीद के लिए किया जा सकता है। इससे समूहों को अपने उद्यमों को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित सामूहिक अवसंरचना सुविधाओं जैसे प्रसंस्करण, भंडारण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन के लिए भी अनुदान सहायता प्रदान की जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर खाद्य उद्योग को मजबूती मिल सके।

*सिरसा दूध उत्पादों के रूप में चिन्हित*

पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आटा, दाल, मसाले, बेकरी उत्पाद, अचार, पापड़, डेयरी उत्पाद, रेडी-टू-ईट फूड तथा फल एवं सब्जी प्रसंस्करण जैसी विभिन्न खाद्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट आधारित उत्पादों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, जिसके तहत जिला सिरसा के लिए दूध एवं दुग्ध उत्पादों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में चिन्हित किया गया है। जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा द्वारा योजना के तहत आवेदन करने वाले उद्यमियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए जिला रिसोर्स पर्सन नियुक्त किए गए हैं, ताकि लाभार्थियों को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट मिल सके और वे योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें।

*यह है पात्रता, ऑनलाइन करें आवेदन*

योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदक को आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो, बैंक खाता विवरण, परियोजना रिपोर्ट, मशीनरी एवं उपकरणों के कोटेशन, व्यवसाय स्थल का प्रमाण, उद्यम पंजीकरण (एमएसएमई), खाद्य सुरक्षा पंजीकरण (एफएसएसएआई) तथा आवश्यकता अनुसार जाति प्रमाण पत्र और स्वयं सहायता समूह या सहकारी संस्था से संबंधित पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए किसी भी प्रकार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। इच्छुक लाभार्थी योजना से संबंधित आवेदन पीएमएफएमई के आधिकारिक पोर्टल https://pmfme.org पर ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं।

*सिरसा जिला में अब तक 203 आवेदन प्राप्त*

जिला सिरसा में पीएमएफएमई योजना के तहत ऋण आवेदन की प्रगति को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक कुल 203 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से विभाग द्वारा 174 आवेदनों को अनुमोदित किया जा चुका है, जबकि बैंकों द्वारा 101 लाभार्थियों के ऋण आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 26 आवेदन बैंक स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं। योजना के तहत जिले में सामान्य अवसंरचना (कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला सिरसा में चावल मिलिंग से संबंधित एक परियोजना स्थापित की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा के उपनिदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि पीएमएफएमई योजना सूक्ष्म खाद्य उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दे सकते हैं।