ऑनलाइन तबादला नीति के विरोध में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन 25 अक्टूबर को: लक्ष्मी देवी
mahendra india news, new delhi
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में लागू की जा रही मॉडल आॅनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के पूर्ण विरोध में 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर रोष प्रदर्शन करेगा एवं ज्ञापन सौंपते हुए एम पी एच डब्ल्यू वर्ग को प्रक्रिया से बाहर रखने हेतु अपील करेगा। एसोसिएशन सिरसा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी देवी महासचिव राजेश सिंधु एवं राज्य पदाधिकारी लालचंद ने बताया कि बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी ऐसोसिएशन हरियाणा ने सरकार को दूसरा स्मरण पत्र भेजते हुए स्पष्ट किया है कि एमपीएचडब्ल्यू (महिला एवं पुरुष) तथा एमपीएचएस (महिला एवं पुरुष) वर्ग को इस पॉलिसी से पूरी तरह बाहर रखा जाए तथा रेशनलाइजेशन के नाम पर स्वास्थ्य विभाग में पद समाप्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
तय कार्यक्रम अनुसार प्रदेश भर से हजारों महिला एवं पुरुष कर्मचारी सुबह दस बजे से ताऊ देवी लाल पार्क में इक्कठा होंगे एवं दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे तथा टडळढ के पूर्ण विरोध मे नाराजगी जताएंगे एवं ज्ञापन सौंपते हुए एम पी एच डब्ल्यू वर्ग को एमओटीपी से बाहर रखने की अपील करेंगे। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी ने कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य जागरूकता और आमजन तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने में इस वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इस वर्ग की कार्यप्रणाली और जनसेवाओं की प्रकृति को नजरअंदाज करके सामान्य तबादला नीति लागू करना कर्मचारियों के साथ-साथ जनस्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
एसोसिएशन के महासचिव सहदेव सांगवान ने कहा कि एसोसिएशन ने विभाग और सरकार के समक्ष अपनी मांगों को लगातार उठाया है, लेकिन कर्मचारियों की आपत्तियों के बावजूद रेशनलाइजेशन सूची में पदों को शामिल किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। एक ओर स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यभार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पद समाप्त करने की प्रक्रिया से स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एसोसिएशन की मांग है कि रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती की जाए और किसी भी कर्मचारी वर्ग के पदों को समाप्त करने के बजाय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि एमपीएचडब्ल्यू एवं एमपीएचएस वर्ग को एमओटीपी से पूर्ण छूट प्रदान की जाए, रेशनलाइजेशन के नाम पर पद समाप्त करने की कार्रवाई रोकी जाए तथा कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की भावनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं के विपरीत निर्णय थोपे गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 25 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर प्रस्तावित प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक कर्मचारियों की आवाज पहुंचाई जाएगी। एसोसिएशन ने प्रदेशभर के बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनस्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित रखने और मजबूत बनाने की मांग भी है।