किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर:
केंद्र तथा राज्य सरकारों की गलत नीतियों के खिलाफ एसकेएम गैर राजनीतिक द्वारा 29 मई को खुईया टोल प्लाजा (डबवाली) किया जाएगा पर्ची मुक्त: लखविंदर सिंह औलख
सिरसा। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिवस संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भारत की ओर से किसान भवन, चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत एमएसपी खरीद गारंटी कानून, किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट समेत विभिन्न किसान मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस बैठक में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. टी. एन. प्रकाश कामारडी (कर्नाटक) ने विशेष रूप से अपने विचार प्रस्तुत किए। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंजाब और हरियाणा में किसानों के मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से टोल प्लाजाओं को पर्ची मुक्त किया जाएगा। इसके तहत 11 मई को फिरोजशाह टोल प्लाजा (फिरोजपुर- लुधियाना रोड), 18 मई को सोलखियां टोल प्लाजा (चंडीगढ़- अमृतसर रोड, रोपड़) और 29 मई को खुइयां टोल प्लाजा (डबवाली- दिल्ली रोड, सिरसा, हरियाणा) पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक पर्ची मुक्त आंदोलन किया जाएगा।
आगे भी इस संघर्ष को जारी रखते हुए नई तिथियां घोषित की जाएंगी। बैठक में भारत द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कर-मुक्त व्यापार समझौते, बिजली संशोधन बिल 2025, सीड बिल और किसान आंदोलन (भाग-1 और भाग-2) की लंबित मांगों पर भी चर्चा की गई। किसानों ने एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनवाने तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश सी2+50 प्रतिशत के आधार पर फसल मूल्य निर्धारित करने किसने की कर्ज मुक्ति के लिए संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर इंदरजीत सिंह कोटबुद्धा, सुखजीत सिंह हरदोजंडे, गुरिंदर सिंह भंगू, लखविंदर सिंह औलख, गुरसेवक सिंह धालीवाल, मलकीत सिंह सेखों, जगजीत सिंह मंड, नरेंद्र पाल सिंह भंगू, रणजीत सिंह, गुरपिंदर काहलो, हीरा सिंह, कुलवीर सिंह मोहाली, रणजीत सिंह भागोमाजरा सहित अन्य किसान नेताओं ने पंजाब और हरियाणा गेहूं खरीद को लेकर सरकारों द्वारा किसानों परेशानियों पर चर्चा की और प्रशासन तथा सरकार से आह्वान किया कि किसानों की फसल का दाना दाना एमएससी पर खरीद कर समय पर उनका भुगतान किया जाए।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि पिछले 4 सालों से मोहाली, चंडीगढ़ में सजा पूरी कर चुके बंदी सिंघो की रिहाई के लिए चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा के तहत 7 मई को गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब, दिल्ली से संसद भवन तक काले कपड़े पहनकर और प्रतीकात्मक रूप से जंजीरों में बंधकर पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया गया है, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) भी शामिल होगा। किसान नेताओं ने कहा कि पूंजीपतियों, केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों द्वारा किसानों और मजदूरों पर किए जा रहे आर्थिक हमलों के खिलाफ किसान जत्थेबंदियों की देशव्यापी एकता को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।