गौरैया संरक्षण के लिए रोटरी क्लब सिरसा ने शहर में लगाए स्पैरो होम
Mahendra india news, new delhi
पर्यावरण संरक्षण और पक्षी संरक्षण के उद्देश्य से रोटरी क्लब सिरसा की ओर से गौरैया बचाओ अभियान के तहत विशेष पहल की गई। क्लब द्वारा ‘वन होम फॉर एवरी स्पैरो’ परियोजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न स्थानों पर स्पैरो होम यानी गौरैया घर स्थापित किए गए। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गौरैया पक्षियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाना तथा आमजन को पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
परियोजना के दौरान रोटरी क्लब के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर स्पैरो होम लगाए और लोगों को इनके महत्व के बारे में जानकारी दी। क्लब सदस्यों ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते शहरीकरण, कंक्रीट निर्माण और पेड़-पौधों की लगातार घटती संख्या के कारण गौरैया जैसे छोटे पक्षियों के लिए प्राकृतिक आश्रय कम होते जा रहे हैं। ऐसे में कृत्रिम घोंसले और दाना-पानी की व्यवस्था पक्षियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
क्लब अध्यक्ष रोटेरियन दविंदर बंसल ने कहा कि गौरैया हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में शहरों में गौरैया की संख्या में कमी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, दुकान, कार्यालय या प्रतिष्ठान पर एक स्पैरो होम लगाए और नियमित रूप से पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करे तो गौरैया संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने परियोजना को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रोटेरियनों का आभार व्यक्त किया।
परियोजना चेयरमैन पीपी रोटेरियन भीम सिंगला ने कहा कि ‘वन होम फॉर एवरी स्पैरो’ केवल एक सेवा परियोजना नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि बच्चों और युवाओं को भी पक्षियों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। प्रत्येक परिवार यदि अपने घर में पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान, दाना और पानी की व्यवस्था करे तो गौरैया को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक स्पैरो होम लगाने का आह्वान किया।
क्लब सचिव रोटेरियन वरिंदर जिंदल एवं सह-अध्यक्ष रोटेरियन ओ.पी. वर्मा ने परियोजना के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब की ओर से समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा से जुड़े विभिन्न अभियान चलाए जाते हैं। गौरैया संरक्षण अभियान भी इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी या अन्य सुरक्षित स्थानों पर गौरैया घर लगाएं और गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन अवश्य रखें। इस अवसर पर पीपी रोटेरियन परवीन नरूला, पीपी रोटेरियन राजेश चड्ढा, पीपी रोटेरियन एन.के. गुप्ता, पीपी रोटेरियन भीम सिंगला, रोटेरियन परवीन गर्ग, रोटेरियन राजिंदर सचदेवा, पीपी रोटेरियन दविंदर बंसल, रोटेरियन वरिंदर जिंदल,
पीपी रोटेरियन सुरेश गोयल (शशि), पीपी रोटेरियन रमेश सुरतिया, पीपी रोटेरियन रोमेश गर्ग, रोटेरियन ओ.पी. वर्मा, पीपी रोटेरियन के.के. राय वालिया, पीडीजी रोटेरियन राजीव गर्ग, पीई रोटेरियन गुलशन वाधवा, पीपी रोटेरियन सुखप्रीत ढिल्लों तथा पीपी रोटेरियन संजीव गर्ग सहित क्लब के अनेक सदस्य एवं उनके परिवारजन मौजूद रहे। क्लब सदस्यों और उनके परिवारजनों ने परियोजना में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और पक्षी संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। परियोजना के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की गई।