रुपाणा गंजा गाँव की बेटी सपना बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर, मेहनत और लगन से हासिल की सफलता, गाँव में खुशी की लहर

 

Mahendra india news, new delhi

 सिरसा जिले के नाथूसरी चोपटा क्षेत्र गाँव रुपाणा गंजा की होनहार बेटी सपना  ने असिस्टेंट प्रोफेसर इतिहास (कालेज केडर) पद पर चयनित होकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। हालांकि ग्रामीणों के लिए गर्व का क्षण उस समय बना जब गाँव के दो प्रतिभाशाली अभ्यार्थियों सपना ओर सतबीर न्यौल के सहायक प्रोफेसर पद पर चयन की खबर मिली।

सूचना मिलते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया और लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। सहायक प्रोफेसर पद पर चयनित सपना ने बताया की उन्होंने 10वी कक्षा तक की पढ़ाई गाँव के स्कूल से की तथा ग्रामीण क्षेत्र में रहकर ही अपनी मेहनत ओर लग्न के बल पर सफलता हासिल की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में प्राप्त करते हुए निरंतर मेहनत के दम पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं। सपना ने MM कॉलेज फतेहाबाद से BA और MA (इतिहास) की शिक्षा ignou से प्राप्त की तथा चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय से बीएड की उपाधि हासिल की।

शैक्षणिक यात्रा के दौरान उन्होंने एचटेट, सीटेट, आरटेट और यूजीसी नेट (इतिहास) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। सपना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता लीलू राम और माता लीलां देवी को दिया।

उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने कभी बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं किया और हमेशा समान अवसर प्रदान करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके पिता हरियाणा रोडवेज में परिचालक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि भाई मोहित हरियाणा पुलिस आईआरबी में कार्यरत हैं।

सपना का कहना है की ग्रामीण क्षेत्र में बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बेटीयाँ अपनी प्रतिभा के बल पर उच्च मुकाम हासिल कर सकती है। उनका कहना है की माँ बाप को बेटियों की पढ़ाई लिखाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए. सपना के मामा दलबीर घोटड़ ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि सपना बचपन से ही मेहनती, अनुशासित और मेधावी छात्रा रही हैं।

परिवार की शैक्षणिक उपलब्धियों की परंपरा भी उल्लेखनीय रही है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में हरियाणा लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में ओमप्रकाश चिरानिया के पुत्र जसबीर सिंह का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) के रूप में हुआ था, जो वर्तमान में राजकीय महिला महाविद्यालय, रतिया में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर कठिन परिश्रम, लगन और अनुशासन के बल पर सफलता प्राप्त करने वाले इन प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं।