पंचायती कार्यों को लेकर सीएम से मुलाकात करेंगे जिलेभर के सरपंच: जसकरण सिंह कंग
mahendra india news, new delhi
सरकारी ग्रांट के अभाव में पंचायती कार्यों को पूरा करवाने में सरपंचों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। यही नहीं मैटिरियल के रेट भी सिरसा जिले को छोड़कर सभी जिलों में कम है, जिसके कारण सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। तमाम समस्याओं को लेकर 23 जुलाई को सिरसा आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री से जिलेभर के सरपंच मुलाकात करेंगे।
उपरोक्त बातें सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कही। इससे पूर्व जिलेभर के सरपंचों की एक मीटिंग हुई, जिसमें ये निर्णय लिया गया। जिला प्रधान ने बताया कि वर्तमान समय में जो डीसी रेट पंचायतों के लिए निर्धारित किया गया है, वो बाजार रेट से काफी कम है। जबकि बिल डीसी रेट के ही बनते हैं। उन्होंने बताया कि इस मसले को लेकर वे डीसी, एडीसी व सीईओ से कई बार मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी समस्या के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई है। इतना ही नहीं जो सरकार के वित्तीय मंत्रालय से फंड आता है, वो भी काफी समय से जारी नहीं किया गया है। फंड के अभाव में सरपंचों ने अपने भाईचारे से जो कार्य उधार में सामान खरीदकर करवा रखे हैं, फर्म संचालक सरपंचों को पेमेंट के लिए परेशान कर रहे हैं। जिला प्रधान ने कहा सरपंचों को दिया जा रहा मानदेय भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, जबकि उनका चाय-पानी का खर्चा इससे कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पंजाब सरकार ने सरपंचों का मानदेय 10 हजार रुपए मासिक किया है, उसी प्रकार हरियाणा में सरपंचों का मानदेय 15 हजार रुपए किया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन परिवारों को राशि मिलनी थी, सरकार की ओर से आधी राशि दी गई है, जबकि आधी राशि के अभाव में लोगों के मकान बीच में पड़े हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कच्चे मकान तोड़कर नए मकान का सपना देखा था,
लेकिन अब बिना छत के समय व्यतीत कर रहे हैं। इसलिए सरकार से गुजारिश है कि इन लोगों को योजना के तहत राशि जल्द जारी की जाए, ताकि लोगों के सिर पर छत का साया बन सके। इस मौके पर उपप्रधान प्रिंस बिश्नोई मौजगढ़ ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व सरपंच तीन ऐसे पद हैं, जो जनसेवा के लिए बने हैं। उन्होंने कहा कि सरपंचों को पांच साल सेवा के लिए मिलते हैं, जिसमें से 6 माह तो सिस्टम को समझने में ही लग जाते हैं। वहीं जब तक संसाधन नहीं मिलेंगे, तब तक सेवा कैसे करेंगे। इस मौके पर जिलेभर के सरपंच उपस्थित थे।
जिला कार्यकारिणी का किया विस्तार:
इस मौके पर जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें उपप्रधान प्रिंस बिश्नोई मौजगढ़ व वेदप्रकाश मीरपुर, जिला महासचिव किरण-विनोद बांगड़वा कुतियाना, बड़ागुढ़ा ब्लॉक प्रधान कविता रानी, सिरसा से प्रधान गुरेंद्र भावदीन, रानियां से जसवंत घोड़ेला, डबवाली से गुरप्रीत पाना, ओढां से महेंद्र सिंह, चोपटा से रीटा कासनियां को नियुक्त किया गया।