बादशाह जहांगीर के कारण हुई थी सतगुरु अर्जुन देव जी की शहादत: ठाकुर दलीप सिंघ
mahendra india news, new delhi
सिरसा। हमारे पांचवें गुरु, सतगुरु अर्जुन देव जी की शहादत क्यों हुई? सतगुरु जी को इतने कष्ट क्यों आए, के बारे में ठाकुर दलीप सिंघ ने बताया कि सतगुरु जी की शहादत के पीछे सबसे बड़ा कारण था बादशाह जहांगीर, जो कट्टर-पंथी मुसलमान राजा था तथा सतगुरु जी को 'मुसलमान' बनाना चाहता था। जहांगीर के अनुसार, सतगुरु अर्जुन देव जी हिंदू थे, जो उस ने स्पष्ट रूप से अपनी जीवनी 'तुजक-ए-जहांगीरी' में लिखा है। उसी पुस्तक में जहांगीर लिखता है, मैंने सतगुरु अर्जुन देव जी का कत्ल करने का आदेश दिया है।
ठाकुर दलीप सिंघ ने बताया कि चंदू की लड़की का सतगुरु जी के पुत्र श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी के साथ रिश्ता भी बादशाह जहांगीर ने ही रुकवाया था और फिर चंदू को सतगुरु जी के विरुद्ध कर दिया। क्योंकि जहांगीर, दो हिंदू ताकतों को आपसी रिश्तेदारी बन कर, एक बड़ी ताकत नहीं बनने देना चाहता था। चंदू को जहांगीर ने एक मोहरा बना कर, बदनाम कर दिया और सतगुरु जी की शहादत करवा दी। यह ऐसी सच्चाई है, जो कोई नहीं बताता। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि सतगुरु जी की शहादत का कारण बादशाह जहांगीर था, चंदू नहीं। उन्होंने बताया कि सतगुरु जी की शहादत का दूसरा कारण हमारा सिखों का राज नहीं था। इस कारण, मेरी सभी सिख समाज से विनती है कि आपसी मत-भेद भुला कर, राजनीति में आओ, राज लो और राज करो। राज केवल नैतिकता या धर्म कार्यों से लेना एवं करना संभव नहीं है
। यह भी कड़वी सच्चाई है कि राज राजनीति से मिलता है, राजनीति से ही चलता है और राजनीति में कम से कम 50 प्रतिशत अनैतिक और कुकर्म करने ही पड़ते हैं, तभी राज मिलता है और चलता है। उन्होंने कहा कि भले ही समाज इस ढंग को कितना भी अनैतिक और आपराधिक मानता हो। इसलिए सिख समाज से आह्वान है कि राजनीति में आओ, राज लो और राज करो, ताकि ऐसे कष्ट फिर से किसी को न आएं।